एमडीडीए की बड़ी पहल: अब हर महीने दो बार लगेगा ‘समाधान दिवस’, जनता की शिकायतों का होगा तय समय में निस्तारण

दून वैली टाइम्स |देहरादून|02 अगस्त

देहरादून। आम जनता को सरकारी दफ्तरों के बार-बार चक्कर लगाने से राहत देने और शिकायतों का त्वरित एवं पारदर्शी समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। अब प्रत्येक माह पहले और अंतिम सोमवार को प्राधिकरण मुख्यालय में ‘समाधान दिवस’ आयोजित किया जाएगा। इस दौरान नागरिक अपनी समस्याएं, शिकायतें और सुझाव सीधे वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष रख सकेंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सुशासन एवं जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देशों के क्रम में शुरू की गई इस व्यवस्था का उद्देश्य प्रशासन और आम जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है, ताकि लोगों की समस्याओं का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

सुबह 10:30 से दोपहर 2 बजे तक होगी सुनवाई

एमडीडीए द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, समाधान दिवस प्रत्येक माह के पहले और अंतिम सोमवार को प्राधिकरण मुख्यालय, देहरादून में आयोजित किया जाएगा। शिकायतों की सुनवाई सुबह 10:30 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक होगी। इस दौरान कोई भी नागरिक अपने आवश्यक दस्तावेजों के साथ पहुंचकर अपनी समस्या सीधे अधिकारियों के सामने रख सकेगा।

प्राधिकरण का कहना है कि समाधान दिवस में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का विधिवत परीक्षण किया जाएगा तथा संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई के लिए भेजा जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी मामलों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर निष्पक्ष और प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

जनता और प्रशासन के बीच बनेगा सीधा संवाद

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण केवल विकास कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि जनता की समस्याओं का समाधान करना भी उसकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि समाधान दिवस के माध्यम से लोगों को अपनी बात रखने के लिए एक जवाबदेह और पारदर्शी मंच मिलेगा।

उन्होंने कहा कि कई बार छोटी-छोटी समस्याएं समय पर नहीं सुलझने के कारण बड़ी परेशानी का कारण बन जाती हैं। ऐसे में समाधान दिवस के जरिए हर शिकायत की गंभीरता से समीक्षा की जाएगी और अनावश्यक देरी को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

फाइलों की स्थिति जानने के लिए नहीं लगाने पड़ेंगे बार-बार चक्कर

अक्सर देखा जाता है कि नक्शा स्वीकृति, भवन निर्माण अनुमति, अवैध निर्माण की शिकायत, भूमि संबंधी विवाद, विकास कार्यों और अन्य प्रशासनिक मामलों में लोगों को बार-बार प्राधिकरण कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं। कई बार शिकायतकर्ता अपनी फाइल की वर्तमान स्थिति तक नहीं जान पाते, जिससे समय और धन दोनों की हानि होती है।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब नागरिकों को अपनी शिकायतों के समाधान के लिए एक निर्धारित तिथि और समय मिलेगा, जहां वे सीधे संबंधित अधिकारियों से मिलकर अपनी समस्या रख सकेंगे और उसकी प्रगति की जानकारी भी प्राप्त कर सकेंगे।

सचिव ने बताया पूरी प्रक्रिया

एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि समाधान दिवस के दौरान प्राप्त सभी शिकायतों और सुझावों को उसी दिन संबंधित शाखाओं को भेजा जाएगा। इसके बाद अधिकारियों को समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था का उद्देश्य शिकायतों का केवल पंजीकरण करना नहीं, बल्कि उनका वास्तविक समाधान सुनिश्चित करना है।

इन मामलों की होगी सुनवाई

समाधान दिवस में प्राधिकरण से संबंधित विभिन्न मामलों की शिकायतें सुनी जाएंगी, जिनमें प्रमुख रूप से—

  • भवन नक्शा स्वीकृति से जुड़े मामले।
  • अवैध निर्माण एवं अतिक्रमण की शिकायतें।
  • भूमि एवं विकास कार्यों से जुड़े विवाद।
  • प्राधिकरण की विभिन्न सेवाओं में देरी संबंधी शिकायतें।
  • अन्य प्रशासनिक समस्याएं एवं सुझाव।

जनता से की गई अपील

एमडीडीए ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे इस नई व्यवस्था का अधिकतम लाभ उठाएं। शिकायतकर्ता अपने सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित तिथि एवं समय पर प्राधिकरण मुख्यालय पहुंचकर अपनी समस्या दर्ज कराएं, ताकि उसका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

प्राधिकरण का मानना है कि इस पहल से न केवल शिकायतों के निस्तारण में तेजी आएगी, बल्कि प्रशासन के प्रति लोगों का विश्वास भी मजबूत होगा और शासन की पारदर्शी कार्यशैली को बढ़ावा मिलेगा।

About The Author