विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत विभिन्न विभागों के राज्य स्तरीय नोडल अधिकारी नियुक्त, सचिवालय में हुई समीक्षा बैठक
दून वैली टाइम्स | देहरादून, 3 अगस्त।
उत्तराखंड में भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने सोमवार को सचिवालय में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में मतदाताओं द्वारा सुनवाई के दौरान प्रस्तुत किए जाने वाले दस्तावेजों के समयबद्ध सत्यापन पर विशेष जोर दिया गया।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने विभिन्न विभागों के निदेशकों एवं वरिष्ठ अधिकारियों को राज्य स्तरीय नोडल अधिकारी नियुक्त करते हुए निर्देश दिए कि निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित सभी दस्तावेजों का निर्धारित समय सीमा के भीतर सत्यापन सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी पात्र मतदाता को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
11 प्रकार के दस्तावेजों के सत्यापन पर रहेगा विशेष फोकस
बैठक में डॉ. पुरुषोत्तम ने कहा कि आयोग द्वारा मान्य 11 प्रकार के दस्तावेज, जिनमें प्रमुख रूप से शैक्षिक प्रमाण पत्र, स्थायी निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर तथा अन्य वैध अभिलेख शामिल हैं, उनका शीघ्र और सटीक सत्यापन किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिला स्तर पर नियुक्त नोडल अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर राज्य स्तर से लगातार निगरानी की जाए।
विभिन्न विभागों को सौंपी गई जिम्मेदारी
दस्तावेजों के सत्यापन के लिए अलग-अलग विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मैट्रिक एवं शैक्षिक प्रमाण पत्रों के सत्यापन के लिए निदेशक माध्यमिक शिक्षा एवं निदेशक उच्च शिक्षा को नोडल अधिकारी बनाया गया है।
स्थायी निवास, जाति एवं भवन आवंटन प्रमाण पत्रों के सत्यापन की जिम्मेदारी राजस्व परिषद को दी गई है।
जन्म प्रमाण पत्रों के सत्यापन के लिए निदेशक शहरी विकास एवं निदेशक स्वास्थ्य को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
परिवार रजिस्टर एवं भवन आवंटन संबंधी अभिलेखों के सत्यापन का दायित्व निदेशक पंचायतीराज को सौंपा गया है।
विभिन्न विभागों की ऑनलाइन सेवाओं एवं डिजिटल सत्यापन के लिए निदेशक आईटीडीए को राज्य स्तरीय नोडल अधिकारी बनाया गया है।
मतदाताओं को समय पर मिले समाधान
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नोटिस की सुनवाई के दौरान मतदाताओं द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों का समय पर सत्यापन हो और उनके दावे एवं आपत्तियों का त्वरित निस्तारण किया जा सके। उन्होंने सभी विभागों से समन्वित और पारदर्शी तरीके से कार्य करने की अपेक्षा जताई।
बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी सहित उच्च शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, शहरी विकास, पंचायतीराज, स्वास्थ्य, राजस्व विभाग तथा आईटीडीए के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



