ईडी ने बिटकॉइन माफिया हेमंत शर्मा की 8.54 करोड़ की संपत्तियां की कुर्क, 856 बिटकॉइन का मिला सुराग
देहरादून। देशभर के लोगों को बिटकॉइन में निवेश कर कम समय में कई गुना मुनाफा कमाने का लालच देकर कथित तौर पर करीब 200 करोड़ रुपये की ठगी करने के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी की देहरादून सब-जोनल यूनिट ने 31 जुलाई 2026 को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत आरोपी हेमंत ईश्वर शर्मा की 8.54 करोड़ रुपये मूल्य की चल एवं अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क (प्रोविजनल अटैचमेंट) कर दिया है।
कुर्क की गई संपत्तियों में देहरादून के पॉश राजपुर रोड स्थित आलीशान बंगला, दो बीएमडब्ल्यू लग्जरी कारें तथा अन्य संपत्तियां शामिल हैं। ईडी का दावा है कि ये संपत्तियां कथित तौर पर ठगी से अर्जित धन से खरीदी गई थीं।
BTCFUND.IS के जरिए बिछाया निवेश का जाल
ईडी की जांच के अनुसार, हेमंत शर्मा ने BTCFUND.IS नाम की आइसलैंड में पंजीकृत वेबसाइट के माध्यम से लोगों को बिटकॉइन में निवेश करने पर भारी मुनाफे का झांसा दिया। निवेशकों का विश्वास जीतने के लिए यह प्रचारित किया गया कि कंपनी से कई विदेशी नागरिक जुड़े हुए हैं, जिससे योजना अंतरराष्ट्रीय स्तर की और विश्वसनीय प्रतीत हो।
बताया गया कि देशभर से बड़ी संख्या में लोगों ने इस प्लेटफॉर्म पर निवेश किया, लेकिन बाद में उन्हें न तो वादा किया गया लाभ मिला और न ही उनकी मूल राशि वापस लौटाई गई।
राजपुर और दिनेशपुर में दर्ज हुईं एफआईआर
इस मामले की जांच की शुरुआत राजपुर थाना, देहरादून में दर्ज एफआईआर से हुई। इसके बाद दिनेशपुर थाना (ऊधम सिंह नगर) में भी हेमंत शर्मा और अन्य आरोपियों के खिलाफ इसी प्रकार की एक और एफआईआर दर्ज की गई। जांच में वेबसाइट के संचालन और नियंत्रण का जिम्मेदार हेमंत शर्मा को पाया गया।
पांच साल तक चला खेल, फिर अचानक बंद हो गई वेबसाइट
ईडी के मुताबिक वर्ष 2014 से 2018 के बीच यह कथित निवेश योजना संचालित होती रही। इस दौरान हजारों निवेशकों से बिटकॉइन जमा कराए गए। बाद में वेबसाइट अचानक बंद कर दी गई और निवेशकों की करोड़ों रुपये की रकम फंस गई।
ब्लॉकचेन जांच में मिले 856.23 बिटकॉइन
जांच एजेंसी ने ब्लॉकचेन विश्लेषण के दौरान 856.23 बिटकॉइन को अपराध से अर्जित संपत्ति (Proceeds of Crime) के रूप में चिन्हित किया है। मौजूदा बाजार मूल्य के आधार पर इन बिटकॉइन की अनुमानित कीमत करीब 200 करोड़ रुपये आंकी गई है।
ईडी का आरोप है कि इन बिटकॉइन को विभिन्न क्रिप्टो एक्सचेंजों के माध्यम से नकदी में बदलकर धन शोधन (Money Laundering) किया गया और उसी रकम से आलीशान बंगला, लग्जरी कारें तथा अन्य संपत्तियां खरीदी गईं।
वैध आय का नहीं मिला कोई स्रोत
ईडी की जांच में दावा किया गया है कि हेमंत शर्मा के पास BTCFUND.IS से प्राप्त धन के अलावा आय का कोई वैध स्रोत नहीं मिला। इसके बावजूद उसने देहरादून के राजपुर रोड स्थित पॉश इलाके में महंगा बंगला खरीदा, दो बीएमडब्ल्यू कारें खरीदीं और देहरादून व आसपास करोड़ों रुपये की अचल संपत्तियां अर्जित कीं।
जांच में यह भी सामने आया कि कथित अवैध कमाई का इस्तेमाल देहरादून स्थित आवास के नवीनीकरण और आलीशान जीवनशैली पर भी किया गया।
पहले भी हो चुकी है 4.56 करोड़ की कुर्की
यह इस मामले में ईडी की पहली कार्रवाई नहीं है। इससे पहले भी एजेंसी 4.56 करोड़ रुपये मूल्य की चल एवं अचल संपत्तियां कुर्क कर चुकी है। हेमंत ईश्वर शर्मा को ईडी पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है और वह वर्तमान में सुद्धोवाला जेल, देहरादून में न्यायिक हिरासत में बंद है।
अदालत में अभियोजन शिकायत दाखिल
ईडी ने 20 मई 2026 को विशेष पीएमएलए अदालत, देहरादून में अभियोजन शिकायत (Prosecution Complaint) दाखिल की थी। अदालत ने 13 जुलाई 2026 को इसका संज्ञान ले लिया। एजेंसी का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जा सकती है।
ईडी का मानना है कि यह उत्तराखंड में सामने आए सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी निवेश घोटालों में से एक है। जांच एजेंसी अब इस मामले से जुड़े अन्य लोगों, लेन-देन और संपत्तियों की भी पड़ताल कर रही है।
