देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में सचिवालय और विधानसभा में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित युवक से कथित तौर पर ₹7.38 लाख की धोखाधड़ी की गई। मामले में रायपुर थाना पुलिस ने दंपति समेत तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिकायत के अनुसार, मंडाकिनी विहार निवासी मुकेश कुमार की मुलाकात मोहम्मद आरिफ से हुई। आरिफ ने खुद को सचिवालय और विधानसभा में तैनात एक निदेशक का ड्राइवर बताते हुए भरोसा दिलाया कि निदेशक के पीए के पद पर भर्ती होने वाली है और वह नौकरी लगवा सकता है।
आरोप है कि विश्वास जीतने के लिए आरिफ ने अपनी पत्नी को फोन पर “निदेशक मैडम” बनाकर बात कराई, जबकि खुद को उनका ड्राइवर बताया। इसके बाद पीड़ित से शैक्षणिक दस्तावेज लिए गए और अलग-अलग बहानों से ₹7.38 लाख की राशि वसूल ली गई।
बाद में ज्वाइनिंग और विधानसभा में होने वाले कथित “फंक्शन” का झांसा देकर एक अन्य व्यक्ति से भी मिलवाया गया और अतिरिक्त रकम ली गई। कुछ समय बाद आरोपियों के फोन बंद हो गए, जिसके बाद पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ। पीड़ित ने कॉल रिकॉर्डिंग समेत अन्य साक्ष्य पुलिस को सौंपे हैं।
पुलिस के अनुसार, मोहम्मद आरिफ, उसकी पत्नी और एक अन्य आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
जनहित में अपील: यदि कोई व्यक्ति सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे मांगे या प्रभाव का दावा करे, तो उसकी बातों पर भरोसा न करें। भर्ती से जुड़ी जानकारी केवल संबंधित विभाग की आधिकारिक प्रक्रिया से ही सत्यापित करें।





