देहरादून। भानियावाला–ऋषिकेश सड़क चौड़ीकरण परियोजना को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है। शिवालिक एलीफेंट रिजर्व से होकर गुजरने वाले इस मार्ग पर वन विभाग की निगरानी में पेड़ों की कटाई दोबारा शुरू कर दी गई है। दूसरी ओर, पर्यावरण संरक्षण की मांग को लेकर स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों का विरोध लगातार जारी है।
जानकारी के अनुसार, प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही करीब 170 पेड़ों की कटाई की जा चुकी थी। पिछले एक सप्ताह से स्थानीय निवासी और पर्यावरण प्रेमी पेड़ों को बचाने की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं। सोमवार को पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 24 अज्ञात लोगों के विरुद्ध FIR दर्ज की, जबकि 2 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई NHAI की शिकायत के आधार पर ऋषिकेश कोतवाली में दर्ज मुकदमे के बाद की गई। गिरफ्तार आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 170, धारा 126, धारा 135 (शांति भंग रोकने से संबंधित) तथा धारा 3(5) (साझा आपराधिक मंशा) के तहत कार्रवाई की गई है।
उधर, सामाजिक संगठन हिमाद्री के संस्थापक प्रताप शिखर ने कहा कि 15 जुलाई तक सांकेतिक विरोध जारी रहेगा। यदि तब तक पेड़ों की कटाई नहीं रोकी गई तो इसके बाद आमरण अनशन शुरू किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि मामले की न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने तक कटान पर रोक लगाई जाए।
इस बीच उत्तराखंड हाईकोर्ट ने NHAI परियोजना को चुनौती देने वाली याचिका खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि परियोजना पर रोक लगाने का कोई अंतरिम आदेश प्रभावी नहीं है। ऐसे में फिलहाल सड़क चौड़ीकरण और पेड़ों की कटाई का कार्य जारी रह सकता है।
परियोजना को लेकर अब विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन का मुद्दा एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है।













