जजरेड डेंजर जोन के स्थायी समाधान की ओर बड़ा कदम, 48 करोड़ रुपये की परियोजना को हाई पावर कमेटी की मंजूरी

दून वैली टाइम्स | देहरादून/चकराता

कालसी-साहिया-चकराता मोटर मार्ग पर स्थित जजरेड स्लाइड जोन के स्थायी उपचार की दिशा में बड़ी प्रगति हुई है। लंबे समय से जौनसार-बावर की सबसे गंभीर समस्याओं में शामिल इस डेंजर प्वाइंट के लैंडस्लाइड ट्रीटमेंट एवं स्लोप स्टेबलाइजेशन कार्य के लिए लगभग 48 करोड़ रुपये की परियोजना को विभागीय हाई पावर कमेटी (मुख्य सचिव की अध्यक्षता) से मंजूरी मिल गई है। बताया जा रहा है कि इस माह परियोजना का टेंडर भी जारी किया जा सकता है।

यह जानकारी पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष देहरादून एवं भाजपा नेत्री मधु तोमर चौहान ने अपने फेसबुक पोस्ट के माध्यम से साझा की। उन्होंने कहा कि जजरेड की समस्या पूरे जौनसार-बावर के लिए वर्षों से एक नासूर बनी हुई है और इसके समाधान के लिए लगातार प्रयास किए जाते रहे हैं।

मधु तोमर चौहान ने बताया कि वर्ष 2017 में तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से नागथात टूर्नामेंट के दौरान इस स्थान पर पुल निर्माण की घोषणा कराई गई थी। इसके बाद लगभग 125 करोड़ रुपये की डीपीआर भी तैयार हुई, लेकिन विशेषज्ञों ने तकनीकी कारणों से उस स्थान पर पुल निर्माण को व्यवहारिक (फिजिबल) नहीं माना।

इसके बाद THDC को इस क्षेत्र में लैंडस्लाइड ट्रीटमेंट और स्लोप स्टेबलाइजेशन की डीपीआर तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष नागथात टूर्नामेंट के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भी इस गंभीर समस्या से अवगत कराया था। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा था कि सरकार जजरेड की समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रयासरत है।

मधु तोमर चौहान के अनुसार अब इस परियोजना को विभागीय हाई पावर कमेटी से करीब 48 करोड़ रुपये की मंजूरी मिल चुकी है। यह परियोजना एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) के वित्तीय सहयोग से संचालित की जाएगी और जल्द ही इसके लिए निविदा (टेंडर) आमंत्रित किए जाने की संभावना है।

इधर, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष देहरादून एवं भाजपा नेता रामशरण नौटियाल ने भी इस विषय को लेकर अपने प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 31 जुलाई 2026 को उन्होंने प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग पंकज कुमार पाण्डे से मुलाकात कर THDC द्वारा तैयार लगभग 48.88 करोड़ रुपये की डीपीआर के आधार पर धनराशि स्वीकृत किए जाने का आग्रह किया था।

रामशरण नौटियाल ने कहा कि प्रमुख सचिव ने इस गंभीर समस्या के शीघ्र समाधान का भरोसा दिया और बताया कि परियोजना के लिए धनराशि एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) से उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस कार्य को टॉप प्रायोरिटी पर पूरा कराया जाएगा।

जौनसार-बावर की लाइफलाइन माने जाने वाले कालसी-साहिया-चकराता मोटर मार्ग पर स्थित जजरेड स्लाइड जोन बरसात के मौसम में लगातार भूस्खलन के कारण आवागमन के लिए बड़ी चुनौती बना रहता है। स्थानीय लोग वर्षों से इसके स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं। अब परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद क्षेत्रवासियों में उम्मीद जगी है कि इस गंभीर समस्या से जल्द राहत मिल सकेगी।

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