जनकल्याण, रोजगार, शिक्षा और आधारभूत विकास को नई रफ्तार
पशुपालकों को बड़ी राहत, मजदूरों के अधिकार होंगे मजबूत, हरिद्वार तक गंगा एक्सप्रेसवे विस्तार का रास्ता साफ
दून वैली टाइम्स | देहरादून
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयोजित उत्तराखंड मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश के सर्वांगीण विकास, जनकल्याण, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, रोजगार, शिक्षा, श्रमिक हित, पर्यटन, न्यायिक आधारभूत संरचना, खेल, पेयजल एवं औद्योगिक विकास से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए। कैबिनेट के इन फैसलों की जानकारी महानिदेशक सूचना एवं अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी ने मीडिया को प्रेस ब्रीफिंग के दौरान दी।

राज्य सरकार का कहना है कि इन फैसलों से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, पशुपालकों की आय बढ़ेगी, श्रमिकों के अधिकार और मजबूत होंगे तथा प्रदेश में आधारभूत ढांचे के विकास को नई गति मिलेगी।
सामान्य वर्ग के पशुपालकों को भी मिलेगा अनुदान
कैबिनेट ने राज्य सेक्टर की गौ पालन योजना का विस्तार करते हुए पहली बार सामान्य वर्ग के पशुपालकों को भी योजना का लाभ देने का निर्णय लिया है। अब लाभार्थी गाय के साथ-साथ भैंस खरीदने का विकल्प भी चुन सकेंगे। पशु की यूनिट लागत 40 हजार रुपये से बढ़ाकर 60 हजार रुपये कर दी गई है।
अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के लाभार्थियों को 90 प्रतिशत तक तथा सामान्य वर्ग को 60 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलेगी। सरकार का अनुमान है कि पहले वर्ष में लगभग 2,128 पशुपालक इस योजना से लाभान्वित होंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार बढ़ेगा और पलायन रोकने में मदद मिलेगी।
मजदूरों के अधिकारों को मिली मजबूती
कैबिनेट ने उत्तराखण्ड मजदूरी संहिता नियमावली-2026 को मंजूरी दे दी है। नई नियमावली के तहत न्यूनतम मजदूरी सुनिश्चित की जाएगी। ओवरटाइम का भुगतान सामान्य मजदूरी का दोगुना होगा तथा प्रत्येक माह की सात तारीख तक वेतन देना अनिवार्य रहेगा।
इसके अलावा डिजिटल माध्यम से वेतन भुगतान को बढ़ावा दिया जाएगा और समान कार्य के लिए महिला एवं पुरुष श्रमिकों को समान वेतन सुनिश्चित किया जाएगा।
SC/ST छात्रावासों के लिए नई नियमावली
समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित अनुसूचित जाति एवं जनजाति छात्रावासों के लिए नई संचालन नियमावली लागू की जाएगी। इसका उद्देश्य मेधावी छात्र-छात्राओं को बेहतर आवास, गुणवत्तापूर्ण भोजन, अनुशासित वातावरण और आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
ईको टूरिज्म को मिलेगा नया प्रोत्साहन
राज्य में ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति (एचपीसी) की संरचना में संशोधन किया गया है। वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को समिति में शामिल किया जाएगा ताकि पर्यावरण संरक्षण, कूड़ा प्रबंधन, जड़ी-बूटी संरक्षण और स्थानीय समुदायों की भागीदारी को और मजबूत किया जा सके।
GST कानून में संशोधन
कैबिनेट ने केंद्र सरकार द्वारा किए गए संशोधनों के अनुरूप उत्तराखण्ड माल एवं सेवा कर (GST) अधिनियम-2017 में संशोधन अध्यादेश लाने को मंजूरी दी है। इससे राज्य की कर व्यवस्था राष्ट्रीय कानूनों के अनुरूप बनी रहेगी।
हल्द्वानी में बनेगा हाईकोर्ट का नया परिसर
हल्द्वानी के लामाचौड़ क्षेत्र में उपलब्ध 73 हेक्टेयर वन भूमि में से लगभग 40 हेक्टेयर भूमि उच्च न्यायालय परिसर के निर्माण के लिए हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इससे भविष्य में हाईकोर्ट के आधुनिक परिसर के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।
राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय में होंगे 122 पद सृजित
गौलापार (हल्द्वानी) स्थित उत्तराखण्ड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय के सुचारु संचालन के लिए 122 नियमित पदों के साथ तकनीकी एवं सहायक कर्मचारियों की आउटसोर्सिंग से नियुक्ति की स्वीकृति दी गई है। इससे खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण और बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
सहकारी समितियों से हटेगा भेदभावपूर्ण प्रावधान
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में उत्तराखण्ड सहकारी समिति नियमावली-2004 में संशोधन किया जाएगा। कुष्ठ रोग से जुड़े भेदभावपूर्ण प्रावधान हटाकर उनकी जगह मानसिक अक्षमता संबंधी न्यायालय द्वारा निर्धारित प्रावधान शामिल किए जाएंगे।
जल जीवन मिशन के लिए नया प्रोटोकॉल
ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल योजनाओं के संचालन और ग्राम पंचायतों एवं ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों को योजनाओं के हस्तांतरण के लिए भारत सरकार के निर्धारित नए प्रोटोकॉल को लागू करने का निर्णय लिया गया है।
वन विकास निगम भर्ती होगी पारदर्शी
उत्तराखण्ड वन विकास निगम में स्केलर पदों की भर्ती अब 100 अंकों की लिखित परीक्षा के आधार पर होगी। इससे भर्ती प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनने की उम्मीद है।
हरिद्वार तक पहुंचेगा गंगा एक्सप्रेसवे
कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखण्ड सरकार के बीच मेरठ से हरिद्वार तक गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तार के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) करने की मंजूरी दी है। सरकार का मानना है कि इससे धार्मिक पर्यटन, औद्योगिक निवेश, व्यापार और रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
औद्योगिक संबंध नियमावली-2026 को मंजूरी
कैबिनेट ने औद्योगिक संबंध संहिता-2020 के तहत उत्तराखण्ड औद्योगिक संबंध नियमावली-2026 लागू करने का निर्णय लिया है। इसमें औद्योगिक विवादों के समयबद्ध समाधान, ट्रेड यूनियनों की मान्यता, शिकायत निवारण समितियों का गठन, हड़ताल और तालाबंदी की स्पष्ट प्रक्रिया तथा श्रमिकों के लिए री-स्किलिंग फंड जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल किए गए हैं।
प्रदेश के विकास को मिलेगी नई दिशा
राज्य सरकार का कहना है कि कैबिनेट के इन फैसलों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ेगी, श्रमिकों के अधिकार सुरक्षित होंगे, शिक्षा एवं खेल क्षेत्र को नई ऊर्जा मिलेगी, न्यायिक और औद्योगिक आधारभूत ढांचे का विस्तार होगा तथा पर्यटन और निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा। सरकार ने इन निर्णयों को समावेशी विकास, पारदर्शी प्रशासन और रोजगार सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
