सभी गुटों को साधने की कोशिश; संजीव आर्य को एआईसीसी सचिव की जिम्मेदारी
दून वैली टाइम्स | देहरादून
आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को गति देते हुए उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने लंबे इंतजार के बाद अपनी नई प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में घोषित इस जंबो कार्यकारिणी में विभिन्न क्षेत्रों, सामाजिक वर्गों और पार्टी के अलग-अलग गुटों को प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया गया है। नई टीम में अध्यक्ष के अलावा 36 महासचिव, 107 सचिव सहित कुल 242 पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। साथ ही संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से पांच महत्वपूर्ण समितियों का भी गठन किया गया है।
नई कार्यकारिणी में वरिष्ठ नेताओं के साथ युवा चेहरों को भी स्थान दिया गया है। उपाध्यक्ष, महासचिव और सचिव पदों पर कई पुराने और अनुभवी नेताओं के साथ नए कार्यकर्ताओं को भी अवसर मिला है। प्रदेश नेतृत्व का कहना है कि संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय बनाने और आगामी चुनावी रणनीति को मजबूत करने के उद्देश्य से संतुलित टीम तैयार की गई है।
सभी प्रमुख गुटों को मिला प्रतिनिधित्व
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस कार्यकारिणी में कांग्रेस हाईकमान ने प्रदेश के लगभग सभी प्रमुख नेताओं और गुटों के बीच संतुलन बनाने का प्रयास किया है। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल की पसंद के नेताओं को जहां महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिली हैं, वहीं नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह तथा अन्य वरिष्ठ नेताओं के समर्थकों को भी संगठन में पर्याप्त स्थान दिया गया है। कई नेताओं को विभिन्न समितियों में शामिल कर संगठनात्मक संतुलन साधने की कोशिश की गई है।
पांच समितियों का भी गठन
प्रदेश कार्यकारिणी के साथ ही कांग्रेस ने संगठन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए अनुशासन समिति, एआईसीसी समन्वय समिति, आरोप पत्र समिति, घोषणा पत्र समिति और चुनाव प्रबंधन से जुड़ी समितियों का गठन किया है। इन समितियों को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभानी होगी।
संजीव आर्य का बढ़ा राजनीतिक कद
कांग्रेस संगठन ने उत्तर प्रदेश प्रभारी टीम में भी बदलाव करते हुए छह नए एआईसीसी सचिवों की नियुक्ति की है। उत्तराखंड के वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के पुत्र तथा पूर्व विधायक संजीव आर्य को भी एआईसीसी सचिव की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। माना जा रहा है कि संगठन में उनकी सक्रिय भूमिका और अनुभव को देखते हुए हाईकमान ने यह निर्णय लिया है। राजनीतिक हलकों में इसे संजीव आर्य के बढ़ते राजनीतिक कद के रूप में देखा जा रहा है।
चुनावी तैयारी पर रहेगा फोकस
कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि नई कार्यकारिणी और समितियों के गठन से संगठनात्मक गतिविधियों में तेजी आएगी। अब पार्टी की प्राथमिकता बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करना, जनसंपर्क अभियान तेज करना और आगामी विधानसभा चुनाव के लिए मजबूत रणनीति तैयार करना होगी।
