जल पुलिस, एसडीआरएफ और आपदा राहत दल ने साहस दिखाकर किया सकुशल रेस्क्यू
ऋषिकेश। भारी बारिश के कारण गंगा के तेज बहाव के बीच शनिवार को एक कांवड़िया बहने लगा। त्रिवेणी घाट पर ड्यूटी में तैनात जल पुलिस, आपदा राहत दल और एसडीआरएफ की रेस्क्यू टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए युवक को सकुशल बचा लिया। रेस्क्यू टीम की तत्परता और साहस की मौके पर मौजूद श्रद्धालुओं ने सराहना करते हुए उत्तराखंड पुलिस का आभार जताया।
जानकारी के अनुसार 8 अगस्त 2026 को त्रिवेणी घाट परिसर में जल पुलिस, आपदा राहत दल और एसडीआरएफ की टीम ड्यूटी पर तैनात थी। दोपहर के समय टीम को एक युवक गंगा के तेज बहाव में बहता हुआ दिखाई दिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रेस्क्यू टीम ने बिना समय गंवाए अभियान शुरू किया। टीम ने तेज बहाव के बीच युवक को साईं घाट ऋषिकेश के सामने राजाजी नेशनल पार्क क्षेत्र के पास सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
रेस्क्यू किए गए युवक की पहचान कपिल दुहन पुत्र सत्यवान दुहन, उम्र 22 वर्ष, निवासी ग्राम चिलयाना, थाना आईएमटी, जिला रोहतक, हरियाणा के रूप में हुई। रेस्क्यू के बाद युवक को उसके साथ आए साथी कांवड़ियों के सुपुर्द कर दिया गया।
रेस्क्यू अभियान में आपदा राहत दल 40वीं वाहिनी पीएसी एचडीआर, एसडीआरएफ और जल पुलिस के जवान शामिल रहे। टीम ने तेज बहाव के बावजूद अदम्य साहस का परिचय देते हुए युवक की जान बचाई।

रेस्क्यू टीम में शामिल जवान
आपदा राहत दल, 40वीं वाहिनी पीएसी एचडीआर:
एडिशनल पीसी बिशन सिंह खड़का, हेड कांस्टेबल धनवीर सिंह, गुमान सिंह राणा और ज्ञान सिंह।
एसडीआरएफ:
एडिशनल पीसी महावीर चौहान, कांस्टेबल सुभाष, होमगार्ड मनोरी लाल और होमगार्ड ऋषिपाल।
जल पुलिस:
हेड कांस्टेबल हरीश गुसाईं, हेड कांस्टेबल चैतन्य त्यागी और गोताखोर विनोद सेमवाल।
रेस्क्यू टीम की त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया। मौके पर मौजूद कांवड़ियों और श्रद्धालुओं ने पुलिसकर्मियों की बहादुरी की प्रशंसा की। पुलिस ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि भारी बारिश और गंगा के तेज बहाव को देखते हुए नदी में उतरने से बचें तथा पुलिस-प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
