नई दिल्ली/देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत एक बार फिर राजनीतिक रूप से सक्रिय नजर आए। बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की महत्वपूर्ण बैठक में हरीश रावत ने भाग लिया। पिछले कुछ महीनों से राजनीतिक कार्यक्रमों में उनकी सक्रियता अपेक्षाकृत कम दिखाई दे रही थी, ऐसे में CWC की बैठक में उनकी मौजूदगी को उत्तराखंड कांग्रेस की आगामी राजनीतिक गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में देश के मौजूदा राजनीतिक हालात के साथ युवाओं, शिक्षा, रोजगार, भर्ती परीक्षाओं, छात्रों के मुद्दों और आगामी चुनावी रणनीति पर चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने की। पार्टी के शीर्ष नेताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों और विभिन्न जनसरोकार से जुड़े मुद्दों को लेकर आगे की रणनीति पर मंथन किया।
उत्तराखंड की राजनीति में भी बढ़ सकती है सक्रियता
हरीश रावत की CWC बैठक में मौजूदगी को उत्तराखंड की राजनीति के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। प्रदेश में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। कांग्रेस भी संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को चुनावी मोड में लाने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है।

हाल ही में उत्तराखंड कांग्रेस की नई प्रदेश कार्यकारिणी का गठन किया गया है, जिसमें युवाओं के साथ वरिष्ठ नेताओं के अनुभव को शामिल करने पर जोर दिया गया है। नई कार्यकारिणी में हरीश रावत के परिवार से भी वीरेंद्र रावत और अनुपमा रावत को जिम्मेदारी दी गई है।
ऐसे में हरीश रावत का राष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि वह पार्टी की आगामी रणनीति और संगठनात्मक गतिविधियों में अपनी भूमिका को लेकर फिर से सक्रिय हो सकते हैं।

युवाओं और रोजगार के मुद्दे पर कांग्रेस का फोकस
CWC की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने युवाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था, रोजगार, भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक जैसे विषयों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस की ओर से कहा गया कि युवाओं से जुड़े सवालों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुखता से उठाया जाएगा।
कांग्रेस की रणनीति में युवाओं और रोजगार के मुद्दे को विशेष महत्व दिए जाने के बीच उत्तराखंड में भी पार्टी इन मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए रोजगार, महंगाई, शिक्षा, भर्ती और स्थानीय विकास जैसे मुद्दे राजनीतिक बहस का हिस्सा बनने की संभावना है।

लंबे राजनीतिक अनुभव के कारण हरीश रावत की भूमिका अहम
हरीश रावत उत्तराखंड कांग्रेस के सबसे वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं और प्रदेश की राजनीति में उनका लंबा अनुभव रहा है। ऐसे में चुनावी तैयारियों के दौर में उनकी सक्रियता कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।
CWC बैठक में उनकी मौजूदगी के बाद उत्तराखंड कांग्रेस के भीतर भी यह चर्चा तेज हो सकती है कि आने वाले समय में पार्टी की चुनावी रणनीति में हरीश रावत को किस भूमिका में आगे रखा जाता है। हालांकि, उनकी आगामी भूमिका को लेकर कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है।
फिलहाल इतना जरूर है कि लंबे अंतराल के बाद राष्ट्रीय स्तर की कांग्रेस की महत्वपूर्ण बैठक में हरीश रावत की सक्रिय मौजूदगी ने उत्तराखंड की राजनीति में भी नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस संगठन में लगातार हो रहे बदलाव और वरिष्ठ नेताओं की सक्रियता को पार्टी की चुनावी तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।

