घर बैठे मिलेगी निर्माण सामग्री, 7 सितंबर से शुरू होगा ‘यूके मिनरल मार्ट’

ऑनलाइन खरीद की सुविधा से पारदर्शी होगा खनिज प्रबंधन, आम लोगों को भागदौड़ से मिलेगी राहत

देहरादून। उत्तराखंड में खनिज प्रबंधन को अधिक पारदर्शी, सुविधाजनक और डिजिटल बनाने की दिशा में सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय की ओर से तैयार ‘यूके मिनरल मार्ट’ पोर्टल का शुभारंभ 7 सितंबर 2026 से आम जनता के लिए किया जाएगा। इस पोर्टल के माध्यम से लोगों को निर्माण कार्यों में उपयोग होने वाली सामग्री ऑनलाइन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।

मंगलवार को निदेशालय सभागार में निदेशक राजपाल लेघा की अध्यक्षता में एमडीटीएसएस योजना के तहत संचालित ई-सर्विसेज, मिनरल मैनेजमेंट, ई-चेक गेट्स और मिनरल मार्ट की समीक्षा की गई। बैठक में डिजिटल खनिज प्रबंधन व्यवस्था को और प्रभावी बनाने तथा आम जनता तक इसका सीधा लाभ पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया।

सस्ती दरों पर ऑनलाइन उपलब्ध होगी सामग्री

मुख्यमंत्री की घोषणा के क्रम में तैयार किए गए यूके मिनरल मार्ट के जरिए आम जनमानस को निर्माण सामग्री ऑनलाइन और सस्ती दरों पर उपलब्ध कराने की योजना है। इससे लोगों को निर्माण सामग्री खरीदने के लिए अलग-अलग स्थानों पर जाने और अनावश्यक भागदौड़ करने से राहत मिलने की उम्मीद है।

पोर्टल के माध्यम से खरीद प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने का प्रयास किया गया है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए उपलब्ध सामग्री और खरीद प्रक्रिया की जानकारी लोगों तक पहुंच सकेगी, जिससे खनिज कारोबार में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है।

डिजिटल निगरानी से मजबूत होगा खनिज प्रबंधन

बैठक में खनिज क्षेत्र से जुड़ी डिजिटल व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। ई-सर्विसेज, मिनरल मैनेजमेंट और ई-चेक गेट्स के माध्यम से खनिज परिवहन एवं प्रबंधन की प्रक्रिया को तकनीक आधारित बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

निदेशालय का उद्देश्य खनिजों के परिवहन से लेकर प्रबंधन तक की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और प्रभावी बनाना है। डिजिटल निगरानी व्यवस्था से अनियमितताओं पर नियंत्रण और सरकारी व्यवस्था की कार्यक्षमता बढ़ाने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

7 सितंबर से जनता के लिए खुलेगा पोर्टल

‘यूके मिनरल मार्ट’ के आम जनता के लिए शुरू होने के बाद निर्माण सामग्री की खरीद को लेकर लोगों के पास एक डिजिटल विकल्प उपलब्ध होगा। यह पहल उत्तराखंड में खनिज प्रबंधन को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के साथ-साथ आम उपभोक्ताओं को सुविधा देने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।

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