नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उस जनहित याचिका (PIL) पर विचार करने से इनकार कर दिया, जिसमें पेट्रोल पंपों के डिस्पेंसिंग नोजल और पेट्रोल की रसीद पर पेट्रोल में मिलाए गए इथेनॉल की सटीक प्रतिशत मात्रा दर्ज करने का निर्देश देने की मांग की गई थी।
याचिका में मांग की गई थी कि उपभोक्ताओं को पेट्रोल खरीदते समय यह स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए कि ईंधन में कितनी मात्रा में इथेनॉल मिलाया गया है। याचिकाकर्ता का तर्क था कि इससे उपभोक्ताओं को ईंधन की संरचना की पारदर्शी जानकारी मिल सकेगी।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस जनहित याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। इसके साथ ही पेट्रोल पंपों पर नोजल और रसीद में इथेनॉल की प्रतिशत मात्रा दर्ज करने की मांग पर फिलहाल कोई न्यायिक निर्देश नहीं दिया गया है।
पेट्रोल पंपों पर इथेनॉल की सटीक मात्रा छापने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का सुनवाई से इनकार
