मिट्टी के मैदान से राष्ट्रीय मंच तक—जौनसार के युवा ने रचा सफलता का नया अध्याय

जौनसार के टिपऊ गांव के कबड्डी कोच जवाहर सिंह शर्मा का राष्ट्रीय स्तर पर नेशनल रेफरी के रूप में चयन

वर्षों से ग्रामीण प्रतिभाओं को तराशने की मेहनत लाई रंग, उपलब्धि से जौनसार बावर क्षेत्र सहित पूरे उत्तराखंड के खेल जगत में खुशी की लहर

कालसी/ विकासनगर / देहरादून , 5 सितंबर। गांव की मिट्टी के मैदान से शुरू हुआ संघर्ष अब राष्ट्रीय मंच तक पहुंच गया है। जौनसार बावर क्षेत्र के अंतर्गत तहसील कालसी, खत अठगांव के टिपऊ गांव निवासी जवाहर सिंह शर्मा पुत्र रामू शर्मा का एमेच्योर कबड्डी फेडरेशन ऑफ इंडिया में राष्ट्रीय स्तर पर कबड्डी नेशनल रेफरी के रूप में चयन हुआ है। उनकी इस उपलब्धि से क्षेत्र के खेल प्रेमियों, ग्रामीणों और कबड्डी से जुड़े खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों में खुशी की लहर है।

जवाहर सिंह शर्मा पिछले कई वर्षों से कबड्डी के खेल को ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। देवभूमि कबड्डी अकादमी से जुड़े कोच के रूप में उन्होंने अनेक बच्चों और युवाओं को कबड्डी की बारीकियां सिखाने के साथ-साथ उन्हें खेल के प्रति जागरूक और प्रोत्साहित करने का काम किया है।

खुद आगे बढ़ने के साथ नई प्रतिभाओं को भी दी राह

जवाहर शर्मा की पहचान सिर्फ एक कबड्डी कोच के तौर पर नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं को तलाशने और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराने वाले प्रशिक्षक के रूप में भी बनी है। उन्होंने सीमित संसाधनों के बीच गांव के मैदानों में बच्चों और युवाओं के साथ लगातार मेहनत की।

उनका मानना रहा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, जरूरत उन्हें सही दिशा, प्रशिक्षण और अवसर देने की है। इसी सोच के साथ उन्होंने लंबे समय तक स्थानीय स्तर पर खिलाड़ियों को तैयार किया।

वर्षों की इसी मेहनत, अनुशासन और कबड्डी के प्रति समर्पण का परिणाम है कि अब उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर रेफरी के रूप में अपनी भूमिका निभाने का अवसर मिला है।

नेशनल रेफरी बनना बड़ी उपलब्धि

कबड्डी में राष्ट्रीय स्तर पर रेफरी के रूप में चयन किसी भी खेल प्रशिक्षक के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जाता है। जवाहर शर्मा की यह सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने जौनसार के एक छोटे से गांव से अपनी खेल यात्रा को आगे बढ़ाते हुए राष्ट्रीय मंच तक स्थान बनाया है।

उनकी उपलब्धि से क्षेत्र के उन युवाओं को भी प्रेरणा मिलेगी, जो सीमित संसाधनों के बावजूद खेल के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाने का सपना देखते हैं।

क्षेत्र में खुशी की लहर

जवाहर शर्मा के राष्ट्रीय स्तर पर चयन की खबर मिलते ही टिपऊ गांव सहित विकासनगर क्षेत्र और जौनसार-बावर में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों, खेल प्रेमियों, खिलाड़ियों, शुभचिंतकों तथा कबड्डी से जुड़े लोगों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

द एनफील्ड स्कूल के प्रधानाचार्य सहित क्षेत्र के कई लोगों ने भी जवाहर शर्मा की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।

💐 सफलता का श्रेय माता-पिता और कबड्डी परिवार को

अपनी इस उपलब्धि पर जवाहर सिंह शर्मा ने इसका श्रेय अपने माता-पिता, विशेष रूप से पिता रामू शर्मा, अपने समस्त कबड्डी परिवार और सहयोगियों को दिया।

उन्होंने कहा कि परिवार का सहयोग, साथियों का विश्वास और कबड्डी के प्रति लगातार समर्पण उनकी सफलता की महत्वपूर्ण वजह रहे हैं। उन्होंने अपने सफर में सहयोग देने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।

ग्रामीण युवाओं के लिए बनी मिसाल

जवाहर शर्मा की कहानी उन तमाम ग्रामीण युवाओं के लिए प्रेरणादायक है, जो सीमित सुविधाओं के बावजूद खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने का सपना देखते हैं। उन्होंने साबित किया है कि अगर मेहनत, अनुशासन और जुनून के साथ लक्ष्य की ओर लगातार कदम बढ़ाए जाएं तो गांव की मिट्टी से निकलकर राष्ट्रीय मंच तक पहुंचा जा सकता है।

जौनसार के टिपऊ गांव से राष्ट्रीय कबड्डी मंच तक का जवाहर शर्मा का सफर केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि क्षेत्र की खेल प्रतिभा और ग्रामीण युवाओं के बढ़ते आत्मविश्वास की कहानी भी है।

दून वैली टाइम्स की ओर से हार्दिक बधाई

जवाहर सिंह शर्मा को राष्ट्रीय स्तर पर कबड्डी नेशनल रेफरी के रूप में चयनित होने पर हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं।

About The Author