तमिल फिल्म इंडस्ट्री ने उत्तराखंड में शूटिंग को दिखाई रुचि, फिल्म टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा

देहरादून/चेन्नई। चेन्नई में आयोजित ‘इंडिया इंटरनेशनल फिल्म टूरिज्म कॉन्क्लेव-साउथ’ में उत्तराखंड की फिल्म नीति और प्रदेश की खूबसूरत शूटिंग लोकेशंस को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया। कॉन्क्लेव में देश-विदेश के प्रमुख फिल्ममेकर, प्रोड्यूसर, डायरेक्टर और विभिन्न फिल्म कमीशन के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद (UFDC) के नोडल अधिकारी के.एस. चौहान ने उत्तराखंड की फिल्म नीति, शूटिंग की संभावनाओं और राज्य में फिल्म निर्माण के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में प्रदेश में फिल्म शूटिंग को प्रोत्साहित करने के लिए प्रभावी फिल्म नीति लागू की गई है।

3 करोड़ रुपये तक की सब्सिडी
के.एस. चौहान ने बताया कि उत्तराखंड में फिल्माई जाने वाली हिंदी एवं अन्य क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्मों को 3 करोड़ रुपये तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है। इसके साथ ही वेब सीरीज और विदेशी फिल्मों को भी सब्सिडी के दायरे में शामिल किया गया है।
फिल्म निर्माताओं की सुविधा के लिए शूटिंग की अनुमति ऑनलाइन उपलब्ध कराने के साथ सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया गया है। इसके तहत सात दिनों के भीतर फिल्मांकन की अनुमति देने की व्यवस्था है। प्रदेश में शूटिंग शुल्क माफ करने के साथ शूटिंग के दौरान सुरक्षा व्यवस्था तथा जीएमवीएन और केएमवीएन के गेस्ट हाउसों में विशेष छूट जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
हर साल 200 से अधिक प्रोडक्शन की शूटिंग
नोडल अधिकारी के अनुसार उत्तराखंड में प्रतिवर्ष 200 से अधिक फिल्मों, वेब सीरीज और धारावाहिकों की शूटिंग हो रही है। इससे प्रदेश में स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता, विविध भौगोलिक परिस्थितियां, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और शांत वातावरण फिल्म निर्माण के लिए इसे बेहद उपयुक्त बनाते हैं। सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को देश-विदेश के फिल्म निर्माताओं की पहली पसंद बनाकर एक मजबूत फिल्म शूटिंग हब के रूप में विकसित करना है।

तमिल फिल्म इंडस्ट्री की बढ़ी दिलचस्पी
कॉन्क्लेव के दौरान के.एस. चौहान ने तमिल फिल्म इंडस्ट्री के कई प्रोड्यूसर्स और डायरेक्टर्स के साथ वन-टू-वन बैठकें भी कीं। इस दौरान इंडिया टॉकीज, स्टोन बीच स्टूडियो, गिरीश प्रधान, बीटीजीआई प्रोडक्शंस (यूएस), पारसा पिक्चर, लाइका प्रोडक्शंस, मसाला पिक्स, कवि क्रिएशन्स और ड्रीम वारियर पिक्चर सहित कई प्रोडक्शन हाउस ने उत्तराखंड में फिल्म शूटिंग के प्रति रुचि दिखाई।
कॉन्क्लेव में ट्यूनीशिया, इटली, थाईलैंड, रोमानिया, हंगरी, सर्बिया और अजरबैजान सहित कई देशों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। उत्तराखंड की ओर से फिल्म नीति और शूटिंग सुविधाओं की प्रस्तुति को प्रदेश में फिल्म निर्माण और फिल्म टूरिज्म को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
