सीबीआईसी सदस्य योगेंद्र गर्ग ने राजस्व एवं प्रशासनिक प्रदर्शन की समीक्षा की, व्यापारिक समस्याओं के त्वरित समाधान के दिए निर्देश
देहरादून। केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) आयुक्तालय, देहरादून की ओर से देहरादून में दो दिवसीय समीक्षा बैठक एवं ‘जीएसटी संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी), नई दिल्ली के सदस्य (सीमा शुल्क) श्री योगेंद्र गर्ग मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
बैठक में सीमा शुल्क एवं सीजीएसटी जोन मेरठ के मुख्य आयुक्त नीतीश कुमार सिन्हा, सीजीएसटी आयुक्तालय देहरादून के आयुक्त डॉ. अशोक कुमार पाण्डे, ऑडिट आयुक्त नीलेश कुमार गुप्ता, अपील आयुक्त अनिल चौधरी समेत मेरठ जोन के विभिन्न आयुक्तालयों के प्रधान आयुक्त, आयुक्त और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

राजस्व और प्रशासनिक प्रदर्शन की समीक्षा
सीबीआईसी सदस्य योगेंद्र गर्ग ने मेरठ जोन के अंतर्गत आने वाले विभिन्न आयुक्तालयों के राजस्व एवं प्रशासनिक प्रदर्शन का विस्तृत मूल्यांकन किया। उन्होंने करदाता सुविधाओं को और मजबूत करने तथा प्राप्त शिकायतों का त्वरित एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में मंडलों एवं रेंजों के पुनर्गठन, कर्मचारियों के पुनर्संतुलन और प्रमुख स्थापना संबंधी विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
व्यापार एवं उद्योग जगत से सीधा संवाद
‘जीएसटी संवाद’ कार्यक्रम में उत्तराखंड के गढ़वाल और कुमाऊं क्षेत्रों के उद्योग एवं व्यापार जगत के प्रतिनिधियों, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और कर अधिवक्ताओं ने भाग लिया। प्रतिनिधियों ने जीएसटी से जुड़ी व्यावहारिक समस्याओं और अपने सुझावों को अधिकारियों के समक्ष रखा।
मुख्य अतिथि योगेंद्र गर्ग ने व्यापारिक प्रतिनिधियों की समस्याओं एवं सुझावों को गंभीरता से सुना और स्थानीय स्तर पर समाधान योग्य मामलों के शीघ्र निस्तारण का आश्वासन दिया। वहीं, नीतिगत स्तर से जुड़े सुझावों को सीबीआईसी बोर्ड और वित्त मंत्रालय के समक्ष विचारार्थ प्रस्तुत करने की बात कही गई।
‘जीएसटी संवाद’ करदाताओं और प्रशासन के बीच मजबूत सेतु
सीबीआईसी सदस्य योगेंद्र गर्ग ने कहा कि इस प्रकार के ‘जीएसटी संवाद’ कार्यक्रम करदाताओं और कर प्रशासन के बीच मजबूत सेतु का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि व्यापारिक समुदाय को सशक्त बनाने और जीएसटी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुगम एवं करदाता-अनुकूल बनाने के लिए इस तरह के कार्यक्रम नियमित अंतराल पर आयोजित किए जाते रहेंगे।
कार्यक्रम का उद्देश्य करदाताओं की समस्याओं को सीधे समझना, प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार लाना और करदाता एवं कर प्रशासन के बीच पारदर्शी एवं बेहतर संबंध स्थापित करना रहा।
