चेक बाउंस, बैंक ऋण, पारिवारिक, दीवानी और शमनीय आपराधिक मामलों की होगी सुनवाई

देहरादून, 09 सितंबर 2026। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) के निर्देशों के अनुपालन में आगामी 12 सितंबर 2026, शनिवार को माननीय उच्च न्यायालय परिसर, नैनीताल में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसका उद्देश्य लंबित वादों एवं विभिन्न विवादों का आपसी सहमति, समझौते और सुलह के माध्यम से त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करना है।
राष्ट्रीय लोक अदालत में ऐसे मामलों को प्राथमिकता के साथ रखा जाएगा, जिनका कानून के दायरे में आपसी समझौते के आधार पर निस्तारण संभव है। इसके तहत दीवानी एवं शमनीय आपराधिक मामलों सहित विभिन्न प्रकार के लंबित प्रकरणों की सुनवाई की जाएगी।
इन मामलों का हो सकता है निस्तारण
लोक अदालत में परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के तहत चेक बाउंस के मामले, बैंक ऋण एवं वित्तीय विवाद, श्रम एवं रोजगार संबंधी प्रकरण, बिजली एवं पानी के बिलों से जुड़े विवाद, पारिवारिक एवं वैवाहिक मामले तथा भूमि अधिग्रहण, प्रतिकर और अन्य दीवानी मामलों को शामिल किया जाएगा।
इसके अलावा ऐसे अन्य दीवानी वाद भी लोक अदालत में रखे जा सकेंगे, जिनका निस्तारण दोनों पक्षों की आपसी सहमति और समझौते के माध्यम से किया जा सकता है।

समय और धन की होगी बचत
राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से मामलों के निस्तारण से वादकारियों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिलने के साथ ही समय और धन की बचत होती है। बार-बार अदालत में होने वाली तारीखों से भी पक्षकारों को राहत मिलती है। आपसी सहमति से विवाद का समाधान होने के कारण दोनों पक्षों के बीच सौहार्द बनाए रखने में भी मदद मिलती है।
लोक अदालत में समझौते के आधार पर मामले का निस्तारण होने पर नियमानुसार जमा न्यायालय शुल्क की वापसी का भी प्रावधान है।
वर्चुअल माध्यम से भी जुड़ सकेंगे पक्षकार
उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति के अनुसार, ऐसे पक्षकार अथवा अधिवक्ता जो किसी कारणवश शारीरिक रूप से अदालत परिसर में उपस्थित होने में असमर्थ हैं, वे उच्च न्यायालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध लिंक के माध्यम से वर्चुअल माध्यम से राष्ट्रीय लोक अदालत की कार्यवाही में शामिल हो सकते हैं।
11 सितंबर तक सूचीबद्ध करा सकते हैं मामले
उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति ने अधिवक्ताओं एवं वादकारियों से अपील की है कि जो पक्षकार अपने मामलों का निस्तारण आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में कराना चाहते हैं, वे 11 सितंबर 2026 अथवा उससे पूर्व अपने प्रकरणों को संबंधित पीठ के समक्ष सूचीबद्ध करा लें। इससे आवश्यक प्रक्रिया एवं अन्य तैयारियां समय से पूरी की जा सकेंगी।
समिति ने वादकारियों से अपील की है कि वे राष्ट्रीय लोक अदालत के इस अवसर का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और आपसी सहमति से लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण कराएं।
सहायता के लिए समिति कार्यालय से करें संपर्क
राष्ट्रीय लोक अदालत से संबंधित विस्तृत जानकारी, प्रक्रिया अथवा अपने मामले की सूची के संबंध में सहायता के लिए वादकारी उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति के कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
