सहस्रधारा रोड स्थित प्राथमिक विद्यालय नांगल हटनाला का मामला, सफाई कर्मचारी नहीं होने पर बच्चों से काम कराने पर उठे सवाल
देहरादून। सहस्रधारा रोड स्थित प्राथमिक विद्यालय नांगल हटनाला में बच्चों से स्कूल का टॉयलेट साफ करवाए जाने का मामला सामने आया है। एक अभिभावक मां ने इस व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए शिकायत दर्ज कराई है।
मां का कहना है कि वह अपने बच्चे को पढ़ाई के लिए स्कूल भेजती हैं, लेकिन यदि वहां बच्चों से शौचालय की सफाई कराई जा रही है तो यह बेहद चिंता का विषय है। उनका सवाल है कि अगर स्कूल में सफाई कर्मचारी नहीं है, तो उसकी कमी का जिम्मा मासूम बच्चों पर क्यों डाला जाए?
बच्चों का काम पढ़ाई, सफाई नहीं
अभिभावक के मुताबिक बच्चों को स्कूल में शिक्षा के साथ सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक वातावरण मिलना चाहिए। स्कूल की सफाई व्यवस्था बनाए रखना विद्यालय प्रशासन और संबंधित विभाग की जिम्मेदारी है। बच्चों से शौचालय साफ कराने की शिकायत यदि सही पाई जाती है तो यह व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
जांच की मांग, जिम्मेदारी तय करने की जरूरत
यह मामला किसी एक बच्चे या परिवार तक सीमित नहीं माना जाना चाहिए। शिकायत में लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट किया जाना जरूरी है कि बच्चों से शौचालय की सफाई क्यों कराई गई और विद्यालय में सफाई कर्मचारी की व्यवस्था क्यों नहीं है।
अभिभावकों की मांग है कि शिक्षा विभाग मामले का संज्ञान लेकर विद्यालय की व्यवस्थाओं की जांच करे और यदि शिकायत सही पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों पर उचित कार्रवाई की जाए। साथ ही स्कूल में नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि बच्चों को पढ़ाई के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल मिल सके।
अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है।
