फ्रेशर्स पार्टी के बाद सड़क पर उतरे 100 से अधिक छात्र, शर्ट उतारकर हुड़दंग और कार के शीशे तोड़ने का वीडियो वायरल
देहरादून। दून यूनिवर्सिटी में वीकेंड पर आयोजित एक अनऑफिशियल फ्रेशर्स पार्टी के बाद देर रात छात्रों के सड़क पर उतरकर हंगामा करने का मामला सामने आया है। घटना से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। वायरल वीडियो में बड़ी संख्या में युवक सड़क पर हुड़दंग करते, कुछ युवक शर्ट उतारकर घूमते और वाहनों को रोकते नजर आ रहे हैं। एक काली कार को घेरकर उसके शीशे तोड़े जाने का दृश्य भी वीडियो में दिखाई देने का दावा किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि वीकेंड पर यूनिवर्सिटी परिसर में फ्रेशर्स पार्टी आयोजित की गई थी। आरोप है कि इस पार्टी के लिए यूनिवर्सिटी प्रबंधन से आधिकारिक अनुमति नहीं ली गई थी। पार्टी में छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे। देर रात पार्टी समाप्त होने के बाद बड़ी संख्या में विद्यार्थी यूनिवर्सिटी परिसर के बाहर सड़क पर पहुंच गए। इसके बाद सड़क पर काफी देर तक हंगामा और हुड़दंग होने की बात सामने आई है।
शर्ट उतारकर सड़क पर घूमते नजर आए युवक
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में कुछ युवक शर्ट उतारकर सड़क पर घूमते और हुड़दंग करते दिखाई दे रहे हैं। सड़क से गुजर रहे वाहनों के आसपास भी छात्रों की भीड़ नजर आती है। आरोप है कि कुछ युवकों ने राहगीरों के साथ अभद्र व्यवहार किया और विरोध करने पर गाली-गलौज की।
घटना के वीडियो राहगीरों और आसपास मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल फोन से रिकॉर्ड किए। वीडियो वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया है और यूनिवर्सिटी के बाहर देर रात हुए इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
कार को घेरने और शीशे तोड़ने का आरोप
घटना के दौरान सड़क से गुजर रही एक काली कार को छात्रों की भीड़ द्वारा घेरने का वीडियो भी सामने आया है। आरोप है कि हुड़दंग कर रहे कुछ युवकों ने कार के शीशे तोड़ दिए। बताया जा रहा है कि जिस समय कार को घेरा गया, उस समय उसमें लोग सवार थे।
अचानक बड़ी संख्या में युवकों के वाहन को घेर लेने से कार में बैठे लोग घबरा गए। वीडियो में वाहन के आसपास भीड़ और युवकों की गतिविधियां दिखाई दे रही हैं। हालांकि कार के शीशे किस परिस्थिति में टूटे और इसमें वास्तव में कौन-कौन लोग शामिल थे, इसकी पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
महिलाओं, बच्चों और अन्य राहगीरों के सामने भी हंगामे का आरोप
वायरल वीडियो से जुड़े आरोपों के मुताबिक, सड़क पर हंगामे के दौरान कुछ युवकों ने अपनी शर्ट उतार दी और उन्हें हाथ में लेकर सड़क पर घूमते रहे। आरोप है कि उस दौरान सड़क से गुजर रहे वाहनों में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी मौजूद थे।
राहगीरों की ओर से युवकों की इस हरकत पर आपत्ति जताए जाने की बात भी सामने आई है। आरोप है कि विरोध करने पर कुछ युवकों ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। हालांकि, वायरल वीडियो और सामने आए आरोपों की पूरी परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
पुलिस के पास फिलहाल कोई लिखित शिकायत नहीं
मामला देहरादून के नेहरू कॉलोनी थाना क्षेत्र से जुड़ा बताया जा रहा है। घटना के संबंध में फिलहाल पुलिस के पास किसी पीड़ित की ओर से लिखित शिकायत पहुंचने की जानकारी नहीं है। इसके बावजूद सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और सामने आए घटनाक्रम को पुलिस द्वारा गंभीरता से लिया जा रहा है।
पुलिस की ओर से वायरल वीडियो की जांच किए जाने की बात सामने आई है। वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान, घटना का वास्तविक स्थान, समय और पूरे घटनाक्रम की परिस्थितियों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी या उसके खिलाफ कार्रवाई की आधिकारिक सूचना सामने नहीं आई है।
यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार
घटना को लेकर दून यूनिवर्सिटी प्रशासन का आधिकारिक पक्ष अभी सामने नहीं आया है। यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर प्रो. सुरेखा डंगवाल से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।
यदि पार्टी के आयोजन के लिए वास्तव में यूनिवर्सिटी प्रबंधन की अनुमति नहीं ली गई थी, तो यह भी जांच का विषय होगा कि परिसर में कार्यक्रम किसकी अनुमति से आयोजित हुआ और कार्यक्रम समाप्त होने के बाद इतनी बड़ी संख्या में छात्र परिसर से बाहर सड़क पर कैसे पहुंचे।
वायरल वीडियो ने खड़े किए कई सवाल
घटना के वीडियो वायरल होने के बाद कई सवाल उठ रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि देर रात यूनिवर्सिटी के बाहर 100 से अधिक छात्र किस परिस्थिति में सड़क पर एकत्र हुए? सड़क पर वाहनों को रोकने और कथित तौर पर एक कार के शीशे तोड़ने की नौबत कैसे आई? यदि किसी वाहन को नुकसान पहुंचाया गया है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी?
फिलहाल मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच और उपलब्ध वीडियो फुटेज के विश्लेषण के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। पुलिस जांच में यदि तोड़फोड़, मारपीट, धमकी या सार्वजनिक स्थान पर उपद्रव की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
दून वैली टाइम्स मामले में पुलिस और दून यूनिवर्सिटी प्रशासन के आधिकारिक पक्ष का इंतजार कर रहा है। प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट बयान सामने आने पर खबर को अपडेट किया जाएगा।
