जॉर्ज एवरेस्ट की लीज रद्द करने की मांग, राज्यपाल से मिले उत्तराखंड कांग्रेस के 13 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने सौंपा ज्ञापन

सरकारी जमीनों और धरोहर भवनों को निजी हाथों में सौंपने का आरोप, कांग्रेस ने राज्यपाल से हस्तक्षेप की अपील की

दून वैली टाइम्स | देहरादून।

उत्तराखंड में सरकारी जमीनों और ऐतिहासिक धरोहरों को लेकर कांग्रेस ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। गुरुवार को उत्तराखंड कांग्रेस के 13 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मुलाकात कर विभिन्न मामलों को लेकर ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस ने प्रदेश सरकार पर राज्य की बेशकीमती जमीनों और धरोहर भवनों को कम कीमत पर निजी हाथों में सौंपने का गंभीर आरोप लगाया।

प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल के समक्ष जॉर्ज एवरेस्ट की लीज का मामला प्रमुखता से उठाया। कांग्रेस नेताओं ने जॉर्ज एवरेस्ट की लीज रद्द करने की मांग करते हुए सरकारी जमीनों से जुड़े उन फैसलों को निरस्त करने की अपील की, जिनके माध्यम से प्रदेश की महत्वपूर्ण संपत्तियां निजी हाथों में सौंपी जा रही हैं।

कांग्रेस का आरोप है कि प्रदेश की बहुमूल्य जमीनों और ऐतिहासिक धरोहर भवनों को कम कीमत पर निजी हाथों में सौंपना राज्य के हितों के खिलाफ है। पार्टी ने इन फैसलों पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश की संपत्तियों और ऐतिहासिक विरासतों के संरक्षण के लिए सरकार को जवाबदेह होना चाहिए।

प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से पूरे मामले में हस्तक्षेप करने और प्रदेश की सरकारी जमीनों एवं धरोहर भवनों से जुड़े फैसलों की समीक्षा कराने की मांग की। कांग्रेस ने ज्ञापन के माध्यम से राज्यपाल से आग्रह किया कि प्रदेश की संपत्तियों को लेकर जनहित में उचित कदम उठाए जाएं।

कांग्रेस के इस प्रतिनिधिमंडल की राज्यपाल से मुलाकात के बाद सरकारी जमीनों और जॉर्ज एवरेस्ट की लीज का मुद्दा एक बार फिर प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है।

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