उत्तराखंड में पंचायत प्रतिनिधियों को मिलेगा बीमा सुरक्षा कवच, ग्राम प्रधान को 5 लाख जीवन बीमा और 20 लाख दुर्घटना बीमा प्रस्तावित

दून वैली टाइम्स | देहरादून

देहरादून। उत्तराखंड में पंचायत प्रतिनिधियों की सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में पंचायतीराज विभाग ने महत्वपूर्ण पहल की है। 16वें वित्त आयोग के अंतर्गत प्राप्त अनुदान से ग्राम पंचायतों के नवीन बैंक खाते खोले जाने के साथ ही पंचायत प्रतिनिधियों को जीवन बीमा एवं व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा का लाभ देने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस संबंध में पंचायतीराज विभाग के निदेशालय ने 3 नवंबर 2026 को विभागीय पत्र जारी कर समस्त जिला पंचायत राज अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

जारी पत्र के अनुसार, ग्राम पंचायतों के नवीन बैंक खाते खोलने के लिए इंडियन बैंक के साथ समन्वय स्थापित करने को कहा गया है। साथ ही पंचायत प्रतिनिधियों के लिए प्रस्तावित जीवन बीमा और व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा की श्रेणीवार धनराशि भी निर्धारित की गई है।

किस जनप्रतिनिधि को कितना मिलेगा बीमा कवर?

विभागीय पत्र में प्रस्तावित बीमा सुरक्षा का विवरण इस प्रकार है—

  1. ग्राम प्रधान
    • जीवन बीमा: 5 लाख रुपये
    • व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा: 20 लाख रुपये
  2. उप ग्राम प्रधान
    • जीवन बीमा: 5 लाख रुपये
    • व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा: 20 लाख रुपये
  3. क्षेत्र पंचायत प्रमुख
    • जीवन बीमा: 10 लाख रुपये
    • व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा: 25 लाख रुपये
  4. जिला पंचायत अध्यक्ष
    • जीवन बीमा: 15 लाख रुपये
    • व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा: 35 लाख रुपये

जिला पंचायत राज अधिकारियों को दिए निर्देश

पंचायतीराज विभाग के निदेशालय की ओर से जारी पत्र में सभी जिला पंचायत राज अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे 16वें वित्त आयोग एवं राज्य वित्त आयोग के अंतर्गत ग्राम पंचायतों के नवीन बैंक खाते खोलने के संबंध में इंडियन बैंक से समन्वय स्थापित करते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।

पत्र की प्रतिलिपि पंचायतीराज विभाग के सचिव, इंडियन बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय तथा विभाग के संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई है। साथ ही नवीन बैंक खातों की मैपिंग आवश्यक पोर्टलों पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

पंचायत प्रतिनिधियों और उनके परिवारों को मिलेगी आर्थिक सुरक्षा

ग्राम प्रधान से लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष तक के जनप्रतिनिधि ग्रामीण विकास और स्थानीय प्रशासन की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। विशेषकर पर्वतीय क्षेत्रों में जनसमस्याओं के समाधान, विकास कार्यों की निगरानी और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए पंचायत प्रतिनिधियों को लगातार दुर्गम क्षेत्रों में आवागमन करना पड़ता है।

ऐसे में जीवन बीमा और व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा की प्रस्तावित व्यवस्था लागू होने पर पंचायत प्रतिनिधियों और उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा मिल सकेगी। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर काम करने वाले जनप्रतिनिधियों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

अभी क्या है स्थिति?

गौरतलब है कि विभागीय पत्र में बीमा राशि को प्रस्तावित रूप में दर्शाया गया है। इसलिए बीमा योजना की अंतिम स्वीकृति, लागू होने की तिथि, पात्रता, प्रीमियम, बीमा अवधि और दावा प्रक्रिया से संबंधित विस्तृत आधिकारिक दिशा-निर्देशों की जानकारी अभी सामने आनी बाकी है।

अब पंचायत प्रतिनिधियों की निगाहें विभागीय निर्देशों के क्रियान्वयन पर टिकी हैं। यदि यह व्यवस्था प्रभावी रूप से लागू होती है तो उत्तराखंड में पंचायत प्रतिनिधियों की सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जाएगा।

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