दून वैली टाइम्स | देहरादून
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के देहरादून दौरे के दौरान कांग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को लेकर दिए गए बयानों पर सियासत गरमा गई है। अमित शाह के आरोपों पर पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने सोशल मीडिया के माध्यम से तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें खुली चुनौती दी है। रावत ने कहा कि यदि उनके खिलाफ किसी घोटाले या आरोप का प्रमाण दे दिया जाए तो वह राजनीति छोड़ देंगे।
हरीश रावत ने अपनी पोस्ट में लिखा, “थैंक्यू आदरणीय अमित शाह जी। आपने अपने संबोधन में मुझे संदर्भित कर कुछ झूठ बोले। मैं इसे झूठ इसलिए कह रहा हूं क्योंकि आपकी बातों में कोई तथ्य नहीं है।” उन्होंने आगे कहा कि केवल उनके द्वारा कही गई बातों में तथ्य नहीं हैं, बल्कि वहां मौजूद लोगों ने भी उनका समर्थन नहीं किया।
सचिवालय में कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार के आरोपों पर उठाए सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री ने सचिवालय में कथित कमीशनखोरी के आरोपों पर भी पलटवार किया। उन्होंने प्रदेश सरकार के मंत्रियों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों का उल्लेख करते हुए एक मंत्री के पति की कथित 210 करोड़ रुपये की संपत्ति का मामला उठाया। साथ ही आय से अधिक संपत्ति के एक मामले का जिक्र करते हुए दावा किया कि हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं, लेकिन राज्य सरकार जांच की अनुमति नहीं दे रही है।
भाजपा को दी खुली चुनौती
हरीश रावत ने कहा कि यदि अमित शाह उनके कार्यकाल से जुड़े किसी भी घोटाले को प्रमाण सहित साबित कर दें तो वह राजनीति छोड़ देंगे और प्रदेश एवं देश की जनता से माफी मांगेंगे। उन्होंने जुम्मे की छुट्टी दिए जाने के आरोप पर भी प्रमाण प्रस्तुत करने की चुनौती दी।
स्टिंग ऑपरेशन को लेकर भी साधा निशाना
रावत ने स्टिंग ऑपरेशन का मुद्दा उठाते हुए भाजपा पर आरोप लगाया कि स्टिंग ऑपरेशन भाजपा के लोगों के माध्यम से करवाए गए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि सरकार को जनकल्याणकारी नीतियों के सहारे व्यवस्था चलाने में कठिनाई होती है और वह स्टिंगबाजों का सहारा लेती है, तो इसके लिए भी भाजपा को बधाई।
हरीश रावत की इस प्रतिक्रिया के बाद उत्तराखंड की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होने के संकेत हैं। अब इस पूरे मामले में भाजपा की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर राजनीतिक हलकों की नजर रहेगी।
