रामपुर बाजार पर मंडरा रहा भूस्खलन का बड़ा खतरा, केदारनाथ हाईवे भी प्रभावित

रुद्रप्रयाग जिले की केदारघाटी में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच रामपुर बाजार के समीप बढ़ता भूधंसाव अब गंभीर चिंता का कारण बन गया है। केदारनाथ हाईवे के किनारे लगातार जमीन खिसकने से सड़क का बड़ा हिस्सा प्रभावित बताया जा रहा है। वहीं, भूधंसाव का दायरा धीरे-धीरे बाजार की ओर बढ़ने से आसपास स्थित भवनों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर भी खतरा मंडराने लगा है।

स्थानीय लोगों के अनुसार रामपुर बाजार के समीप लंबे समय से संवेदनशील भूधंसाव क्षेत्र सक्रिय है। जून माह से यहां लगातार जमीन धंसने की स्थिति बनी हुई है। शुरुआत में भूधंसाव हाईवे के आसपास सीमित दिखाई दे रहा था, लेकिन अब इसका असर सड़क के साथ-साथ आसपास की जमीन और बाजार क्षेत्र की ओर भी नजर आने लगा है।

सुरक्षा दीवार धंसने के बाद बढ़ी चिंता

रामपुर बाजार के समीप सक्रिय भूस्खलन क्षेत्र में पहले भी हाईवे की सुरक्षा दीवार भूधंसाव की चपेट में आ चुकी है। राजमार्ग विभाग की कार्यदायी संस्था की ओर से सुरक्षा दीवार का निर्माण कराया गया था, लेकिन जुलाई के अंतिम सप्ताह में हुई भारी बारिश के बाद यह दीवार दोबारा धंस गई। इसके बाद से क्षेत्र में भूधंसाव लगातार बढ़ने की बात सामने आ रही है।

सबसे गंभीर स्थिति यह है कि जमीन खिसकने का असर अब केवल सड़क तक सीमित नहीं है। आसपास की जमीन में भी दरारें और धंसाव बढ़ने से स्थानीय व्यापारियों और ग्रामीणों में भय का माहौल है। लोगों को आशंका है कि यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो स्थिति और विकट हो सकती है।

बाजार और भवनों पर भी बढ़ा खतरा

भूधंसाव के बाजार की ओर बढ़ने से आसपास बने मकानों, दुकानों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में यहां बड़ा नुकसान हो सकता है।

व्यापारियों और ग्रामीणों ने प्रशासन तथा राजमार्ग विभाग से मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल मौके का निरीक्षण कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि केवल अस्थायी सुरक्षा उपायों से समस्या का समाधान संभव नहीं होगा। इसके लिए विशेषज्ञों की टीम से क्षेत्र का विस्तृत भू-वैज्ञानिक और तकनीकी सर्वे कराया जाना जरूरी है।

वैज्ञानिक उपचार की मांग

स्थानीय लोगों ने संवेदनशील क्षेत्र में विशेषज्ञ भू-वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की टीम भेजकर भूधंसाव के वास्तविक कारणों का पता लगाने की मांग की है। साथ ही क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप स्थायी एवं वैज्ञानिक उपचार किए जाने की आवश्यकता जताई है।

लोगों का कहना है कि केदारनाथ यात्रा के लिहाज से भी रामपुर बाजार का क्षेत्र महत्वपूर्ण है। ऐसे में हाईवे की सुरक्षा के साथ-साथ स्थानीय आबादी और व्यापारिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।

लगातार बारिश ने बढ़ाई मुश्किल

केदारघाटी में लगातार जारी बारिश के कारण पहले से संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और भूधंसाव का खतरा बढ़ गया है। रामपुर बाजार के समीप जमीन के लगातार खिसकने से स्थानीय लोगों की चिंता भी बढ़ती जा रही है। लोगों को डर है कि यदि भारी बारिश का दौर जारी रहा तो भूधंसाव की गति और तेज हो सकती है।

फिलहाल रामपुर बाजार में बढ़ता भूधंसाव प्रशासन और राजमार्ग विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। स्थानीय लोग अब तत्काल निरीक्षण, विशेषज्ञों की जांच और स्थायी सुरक्षा कार्य शुरू किए जाने की मांग कर रहे हैं। समय रहते ठोस कदम उठाए जाने से ही किसी संभावित बड़े हादसे को टाला जा सकता है।

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