
हल्द्वानी, 09 जुलाई।
मणिपुर के उखरुल जिले में हुए आतंकी हमले में शहीद हुए उत्तराखंड के वीर सपूत वारंट ऑफिसर बलवंत सिंह खेतवाल का पार्थिव शरीर गुरुवार को हल्द्वानी स्थित उनके आवास पहुंचा। पार्थिव शरीर के पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया, जबकि अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़ पड़े। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने नम आंखों से शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की।
जानकारी के अनुसार, बीते सोमवार को मणिपुर के उखरुल जिले में 40 असम राइफल्स के काफिले पर आतंकवादियों ने हमला कर दिया था। इस हमले में बागेश्वर जिले के निवासी वारंट ऑफिसर बलवंत सिंह खेतवाल तथा पौड़ी गढ़वाल जिले के हवलदार चंद्रमोहन सिंह वीरगति को प्राप्त हुए। घटना के बाद दोनों जवानों के पार्थिव शरीर को मणिपुर में राजकीय सम्मान के साथ श्रद्धांजलि दी गई। पोस्टमार्टम और अन्य औपचारिकताएं पूरी होने के बाद पार्थिव शरीर सेना को सौंपे गए और हेलीकॉप्टर के माध्यम से उत्तराखंड लाया गया।
शहीद बलवंत सिंह खेतवाल मूल रूप से बागेश्वर जिले के केतुपेड़ (वन डूंगरा) गांव के निवासी थे। उनका परिवार वर्तमान में नैनीताल जिले के हल्द्वानी के मोतीनगर क्षेत्र में निवास करता है। बताया जाता है कि बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए उन्होंने लगभग दस वर्ष पूर्व हल्द्वानी में अपना घर बनाया था। उनकी बड़ी बेटी का विवाह हो चुका है, छोटी बेटी देहरादून में बीकॉम की पढ़ाई कर रही है, जबकि बेटा हाईस्कूल का छात्र है।
वर्ष 1991 में असम राइफल्स में भर्ती हुए बलवंत सिंह खेतवाल ने अपने जीवन के कई वर्ष देश सेवा को समर्पित किए। उनके बलिदान से पूरे उत्तराखंड में शोक की लहर है। वहीं, पौड़ी गढ़वाल के डांडातोली गांव निवासी हवलदार चंद्रमोहन सिंह के परिवार पर भी दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बताया गया कि पिता के निधन के बाद पारिवारिक क्रियाकर्म संपन्न कर वे तीन जुलाई को ड्यूटी पर लौटे थे और कुछ ही दिनों बाद देश की रक्षा करते हुए शहीद हो गए।
उत्तराखंड ने अपने दो जांबाज सपूतों को खो दिया है। मां भारती की सेवा में दिए गए इस सर्वोच्च बलिदान को प्रदेश और देश हमेशा याद रखेगा।




