ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र की ग्रामीण सड़कों की बदहाल स्थिति एक बार फिर सवालों के घेरे में है। हल्की सी बारिश के बाद ही कई सड़कों पर इतना जलभराव हो गया कि सड़कें तालाब जैसी दिखाई देने लगीं। जगह-जगह बने बड़े-बड़े गड्ढों में पानी भर जाने से लोगों का आवागमन बेहद मुश्किल हो गया है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यही उनके क्षेत्र का “विकास” है। उनका आरोप है कि वर्षों से सड़कें जर्जर पड़ी हैं और बारिश के मौसम में हालात और भी खराब हो जाते हैं। ग्रामीणों के अनुसार, कई बार क्षेत्रीय विधायक और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से सड़क निर्माण की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों का कहना है कि हर वर्ष विधानसभा क्षेत्रों के विकास के लिए करोड़ों रुपये की विधायक निधि आवंटित की जाती है। इसके बावजूद यदि सड़कें इस स्थिति में हैं, तो विकास कार्यों पर गंभीर सवाल उठना स्वाभाविक है। उनका कहना है कि यदि शहर से जुड़े विधानसभा क्षेत्र की सड़कों का यह हाल है, तो दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों की स्थिति का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
बरसात के दौरान सड़क पर बने गहरे गड्ढे दुर्घटनाओं का कारण भी बन सकते हैं। स्थानीय लोगों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि जनहित को देखते हुए जल्द से जल्द क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कराई जाए और जलनिकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
— Doon Valley Times





