देहरादून, 17 अगस्त 2026। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने सोमवार को ऋषिपर्णा सभागार में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के साथ विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम को लेकर महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रगति की समीक्षा की गई और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को प्रारूप-9, 10, 11ए और 11बी की सूचियां उपलब्ध कराई गईं।
जिलाधिकारी ने बताया कि 13 अगस्त 2026 तक जिले में मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए प्रारूप-6 के तहत 39,025 आवेदन प्राप्त हुए हैं। वहीं, मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए प्रारूप-7 के तहत 10,235 दावे एवं आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। इसके अलावा मतदाता सूची में दर्ज विवरण में संशोधन के लिए प्रारूप-8 के तहत 10,718 आवेदन प्राप्त किए गए हैं।

आपत्तियों पर सुनवाई से पहले दिया जाएगा नोटिस
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने स्पष्ट किया कि प्रारूप-7 के तहत प्राप्त सभी आपत्तियों पर संबंधित बूथ लेवल अधिकारी (BLO) द्वारा संबंधित व्यक्ति को व्यक्तिगत रूप से नोटिस तामील कराया जाएगा। नोटिस प्राप्त होने के सात दिन बाद ही सुनवाई शिविर आयोजित किया जाएगा।
जिलेभर में बूथवार आयोजित होने वाले इन शिविरों में जिस मतदाता के विरुद्ध आपत्ति दर्ज की गई है, साथ ही आपत्तिकर्ता—दोनों को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार, आपत्तिकर्ता द्वारा ठोस आधार अथवा प्रमाण प्रस्तुत नहीं किए जाने की स्थिति में किसी भी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जाएगा।

5.47 लाख मतदाताओं को जारी किए गए व्यक्तिगत नोटिस
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 14 जुलाई को प्रकाशित ड्राफ्ट मतदाता सूची के अनुसार जिले में अब तक 11,90,805 मतदाताओं की मैपिंग पूरी की जा चुकी है।
वर्ष 2003 और वर्ष 2026 की मतदाता सूचियों के मिलान के दौरान विवरण में विसंगति, अपूर्ण जानकारी अथवा डेटा का सही मिलान नहीं होने के कारण करीब 5.47 लाख मतदाताओं को व्यक्तिगत नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें 3,95,772 मतदाताओं के विवरण में विसंगति पाई गई, जबकि 1,52,170 मतदाताओं की मैपिंग नहीं होने के कारण नोटिस जारी किए गए हैं।

राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील
डीएम ने कहा कि एसआईआर कार्यक्रम अब अपने अंतिम और बेहद महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गया है। ऐसे में सभी राजनीतिक दलों की सक्रिय एवं रचनात्मक भागीदारी जरूरी है।
उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपील की कि जिन नागरिकों को नोटिस तामील किए जाएंगे, उन्हें अपने बूथ लेवल एजेंट (BLA) के माध्यम से संबंधित बूथ तक पहुंचाने में सहयोग करें। इससे दावों और आपत्तियों का निष्पक्ष, प्रभावी एवं पारदर्शी तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जा सकेगा।
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि प्रारूप-7 में मिथ्या घोषणा प्रस्तुत करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के तहत दंडनीय कार्रवाई की जाएगी।
15 सितंबर को प्रकाशित होगी अंतिम निर्वाचक नामावली
जिलाधिकारी ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद 15 सितंबर 2026 को अंतिम निर्वाचक नामावली प्रकाशित की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और राजनीतिक दलों से पुनरीक्षण प्रक्रिया के अंतिम चरण को गंभीरता और पारदर्शिता के साथ पूरा करने में सहयोग की अपील की।
बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, एसडीएम अपर्णा ढौंडियाल, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी नरेंद्र प्रसाद देवली सहित कांग्रेस के डॉ. जसविंदर सिंह, प्रशांत खंडूड़ी एवं सुनील जायसवाल, आम आदमी पार्टी के कमल राणा तथा वर्चुअल माध्यम से विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के पदाधिकारी और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी उपस्थित रहे।
