अतिक्रमण, अवैध फैक्ट्री और आपदा कार्यों की अनियमितता पर डीएम सख्त

जन समाधान दिवस में 150 से अधिक शिकायतें, कई मामलों का मौके पर निस्तारण; पापड़ियांन में आपदा कार्यों की जांच के आदेश

देहरादून, 17 अगस्त। जिले में जन समस्याओं के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को लेकर जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जन समाधान दिवस में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने अपनी समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। इस दौरान 150 से अधिक शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें कई शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जन शिकायतों को केवल औपचारिकता के तौर पर निपटाने के बजाय उनकी वास्तविक समस्या का समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हो तथा शिकायतकर्ता को भी की गई कार्रवाई से अवगत कराया जाए।

पापड़ियांन में आपदा कार्यों की जांच

तहसील विकासनगर के ग्राम पंचायत पापड़ियांन में वर्ष 2023 से 2026 तक आपदा मद से कराए गए कार्यों में कथित फर्जीवाड़े एवं अनियमितता की शिकायत पर जिलाधिकारी ने गंभीरता से संज्ञान लिया। उन्होंने जिला विकास अधिकारी और जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी को संयुक्त रूप से जांच करने के निर्देश दिए हैं।

डीएम ने दोनों अधिकारियों को सात दिन के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। जांच में उपलब्ध अभिलेखों, मौके पर कराए गए कार्यों तथा संबंधित मद में हुए खर्च का परीक्षण किया जाएगा। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जांच में यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

भूमाफियाओं द्वारा पैतृक भूमि पर कब्जे की शिकायत

मिहूवाला निवासी मोहम्मद शाहिद राव, खुर्शीदा बेगम एवं इकराम ने अपनी पैतृक भूमि पर भूमाफियाओं द्वारा मारपीट कर कब्जा करने का प्रयास किए जाने की शिकायत जिलाधिकारी के समक्ष रखी।

मामले का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने पुलिस विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ ही शिकायत में लगाए गए आरोपों की तथ्यात्मक जांच कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

आबादी के बीच चल रही हैवी वेल्डिंग फैक्ट्री होगी सील

विकासनगर क्षेत्र के ग्राम झीवरहेड़ी में आबादी के बीच कथित रूप से अवैध तरीके से हैवी वेल्डिंग मशीनें लगाकर फैक्ट्री संचालित किए जाने की शिकायत पर भी जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया।

डीएम ने उप जिलाधिकारी विकासनगर और महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र (जीएमडीआईसी) को संबंधित फैक्ट्री को तत्काल सील करने के निर्देश दिए।

जिला उद्योग केंद्र द्वारा पूर्व में किए गए निरीक्षण में यह तथ्य सामने आया था कि संबंधित स्थल औद्योगिक उपयोग के लिए वर्गीकृत नहीं है। इसके अलावा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और अग्निशमन विभाग की आवश्यक एनओसी भी प्राप्त नहीं की गई थी।

इसके बावजूद फैक्ट्री संचालन और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई न होने को जिलाधिकारी ने गंभीरता से लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

सरकारी भूमि पर अतिक्रमण और चार मंजिला निर्माण की शिकायत

नगर निगम एवं ग्राम समाज की सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण और निर्माण किए जाने की शिकायत पर भी जिलाधिकारी ने जांच के आदेश दिए। शिकायत में सरकारी भूमि पर चार मंजिला मकान के निर्माण का आरोप लगाया गया है।

डीएम ने उप जिलाधिकारी सदर और तहसीलदार सदर को मौके का स्थलीय निरीक्षण करने तथा भूमि एवं निर्माण से संबंधित अभिलेखों की जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि जांच में अतिक्रमण अथवा अवैध निर्माण पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए और रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।

कृत्रिम अंग के लिए आर्थिक सहायता का मामला

सूर्य प्रकाश ने दोनों पैरों में कृत्रिम अंग लगवाने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग जिलाधिकारी के समक्ष रखी। डीएम ने मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए जिला समाज कल्याण अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

उन्होंने अधिकारी को 15 दिन के भीतर नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई सुनिश्चित करने और शिकायतकर्ता को की गई कार्रवाई से अवगत कराने के निर्देश दिए।

विशेष बच्चे के प्रवेश मामले में जांच के आदेश

विशेष बच्चे प्रिंस अग्रवाल के लतिका राय फाउंडेशन में प्रवेश से संबंधित शिकायत पर भी जिलाधिकारी ने गंभीरता दिखाई। बच्चे के पिता एवं एकमात्र अभिभावक ने शिकायत में बताया कि फाउंडेशन में प्री-एडमिशन प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी होने के बावजूद प्रवेश प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई गई। बार-बार अनुरोध के बावजूद समाधान नहीं होने पर उन्होंने जिलाधिकारी से हस्तक्षेप की मांग की।

मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने जिला समाज कल्याण अधिकारी एवं जिला प्रोबेशन अधिकारी को संयुक्त रूप से जांच करने के निर्देश दिए। दोनों अधिकारियों को सात दिन के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है।

डीएम ने निर्देश दिए कि मामले के सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच की जाए और बच्चे के हित तथा उसके सर्वांगीण विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

शिकायतों के निस्तारण में जवाबदेही पर जोर

जन समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता की वास्तविक समस्या का समाधान होना चाहिए और कार्रवाई की जानकारी शिकायतकर्ता को भी दी जानी चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों से समयबद्ध निस्तारण, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के.के. मिश्रा, अपर जिलाधिकारी प्रशासन स्मृता परमार, मुख्य शिक्षा अधिकारी श्री जायसवाल, अपर पुलिस अधीक्षक, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास जितेंद्र कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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