देहरादून। जन संघर्ष मोर्चा ने उत्तराखंड सरकार और जनप्रतिनिधियों पर 100 प्रतिशत दिव्यांगजनों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए दिव्यांग पेंशन में तत्काल बढ़ोतरी की मांग की है।
मोर्चा ने कहा कि प्रदेश में कई दिव्यांगजन मात्र ₹1,500 मासिक पेंशन पर जीवनयापन करने को मजबूर हैं, जिससे दो वक्त की रोटी, दवाइयों और अन्य आवश्यक जरूरतों को पूरा करना बेहद कठिन हो गया है। मोर्चा का आरोप है कि जहां जनप्रतिनिधि अपने वेतन, भत्तों और पेंशन में बढ़ोतरी को लेकर सक्रिय रहते हैं, वहीं दिव्यांगजनों की समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है।
जन संघर्ष मोर्चा ने कहा कि समाज के सबसे कमजोर और जरूरतमंद वर्ग को सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना सरकार और जनप्रतिनिधियों की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। संगठन ने सरकार से दिव्यांग पेंशन में बढ़ोतरी करने और उनके लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करने की मांग की है।
साथ ही मोर्चा ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे अपने जनप्रतिनिधियों से दिव्यांगजनों के हितों को लेकर जवाब मांगें और इस मुद्दे पर आवाज बुलंद करें।



