नई टिहरी। टिहरी गढ़वाल जिले के लंबगांव के चर्चित केतन लाल हत्याकांड मामले में हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी करते हुए कहा है कि निष्पक्ष जांच के लिए दोनों पक्षों की बात सुनी जानी आवश्यक है। अदालत ने जांच अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि युवती का बयान दर्ज कर उसके पक्ष पर भी गंभीरता से विचार किया जाए और सभी तथ्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जाए।
मामले में युवती की मां विमला देवी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि घटना के बाद उनकी बेटी की बात पुलिस ने नहीं सुनी और उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना था कि पुलिस ने केवल दूसरे पक्ष की शिकायत के आधार पर कार्रवाई शुरू कर दी, जबकि उनकी शिकायत को नजरअंदाज कर दिया गया।
याचिका में कहा गया है कि घटना वाले दिन युवती अपने कमरे में थी। आरोप है कि रात के समय शौच के लिए बाहर निकलने के दौरान केतन लाल और उसका एक साथी कमरे में घुस आए तथा कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर युवती के साथ गलत हरकत करने का प्रयास किया। इसी घटनाक्रम के बाद विवाद बढ़ा और मामला सामने आया।
याचिकाकर्ता का यह भी आरोप है कि उन्होंने थाना, एसएसपी और जिला प्रशासन से शिकायत की, लेकिन उनकी शिकायत पर न तो मुकदमा दर्ज किया गया और न ही निष्पक्ष सुनवाई की गई। वहीं दूसरी ओर मृतक केतन लाल के पिता की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने जांच अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि युवती का पक्ष भी विस्तार से सुना जाए और जांच निष्पक्ष, पारदर्शी तथा सभी उपलब्ध साक्ष्यों एवं दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर पूरी की जाए। अदालत ने स्पष्ट किया कि जांच किसी एक पक्ष तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। अब मामले में आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।



