श्रीकोट गंगानाली में नाली बंद कर गंदगी फैलाने पर कार्रवाई, महापौर की चेतावनी—लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी
दून वैली टाइम्स | श्रीनगर गढ़वाल
नगर निगम श्रीनगर की महापौर आरती भंडारी ने शहर की स्वच्छता व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए मेडिकल कॉलेज के निर्माणाधीन भवन की कार्यदायी संस्था के ठेकेदार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। श्रीकोट गंगानाली क्षेत्र में निर्माण सामग्री के कारण नाली अवरुद्ध होने और आसपास गंदगी फैलने की शिकायतों के बाद नगर निगम ने ठेकेदार पर ₹50 हजार का चालान किया है।

जानकारी के अनुसार, स्थानीय लोगों द्वारा लगातार शिकायतें की जा रही थीं कि निर्माण कार्य के दौरान भवन निर्माण सामग्री नाली में डाल दी गई है, जिससे जल निकासी बाधित हो रही है। इसके चलते क्षेत्र में गंदगी फैलने के साथ-साथ लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। शिकायतों के बावजूद संबंधित संस्था की ओर से स्थिति में कोई सुधार नहीं किया गया।

महापौर आरती भंडारी ने बताया कि नगर निगम की ओर से कार्यदायी संस्था को कई बार नाली की सफाई कराने और निर्माण सामग्री हटाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन संस्था ने निर्देशों की अनदेखी की। इसके बाद उन्होंने स्वयं मौके का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान शिकायतें सही पाए जाने पर उन्होंने नगर निगम अधिकारियों को तत्काल ₹50 हजार का चालान करने के निर्देश दिए।
महापौर ने स्पष्ट कहा कि नगर निगम क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। यदि कोई व्यक्ति, संस्था या ठेकेदार नालियों को अवरुद्ध करता है, सार्वजनिक स्थानों पर निर्माण सामग्री या मलबा डालकर गंदगी फैलाता है अथवा नगर की सफाई व्यवस्था को प्रभावित करता है, तो उसके खिलाफ कठोर चालानी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य श्रीनगर को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित शहर के रूप में विकसित करना है। इसके लिए सभी नागरिकों और निर्माण एजेंसियों का सहयोग आवश्यक है। नगर निगम स्वच्छता के प्रति किसी भी प्रकार की लापरवाही को स्वीकार नहीं करेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
महापौर आरती भंडारी ने नगरवासियों से भी अपील की कि वे शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने में सक्रिय भागीदारी निभाएं। यदि कहीं गंदगी, नालियों के अवरुद्ध होने या सार्वजनिक स्थानों पर मलबा डाले जाने जैसी समस्या दिखाई दे, तो उसकी सूचना नगर निगम को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। उन्होंने नागरिकों से अपने सुझाव भी साझा करने का आग्रह किया, जिससे जनसहभागिता के माध्यम से स्वच्छता अभियान को और प्रभावी बनाया जा सके।
