भाजपा पार्षद के बेटे पर युवती को भगाने का आरोप, पुलिस ने दर्ज की एफआईआर

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24 जुलाई से लापता है 18 वर्षीय युवती, परिवार ने सुरक्षित बरामदगी की लगाई गुहार; पार्षद ने आरोपों को बताया निराधार

दून वैली टाइम्स | देहरादून

राजधानी देहरादून में 18 वर्षीय युवती के संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। युवती के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने विजय पार्क वार्ड की भाजपा पार्षद अमिता सिंह के बेटे शुभम चौधरी के खिलाफ युवती को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

परिजनों के अनुसार उनकी बेटी 24 जुलाई से लापता है। काफी तलाश के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं लगने पर उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। परिवार का आरोप है कि शुभम चौधरी उनकी बेटी को अपने साथ ले गया है। परिजनों ने युवती की सुरक्षित बरामदगी की मांग करते हुए उसकी जान को खतरा भी बताया है। उनका कहना है कि आरोपी का परिवार राजनीतिक रूप से प्रभावशाली है, इसलिए मामले में निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता है।

पार्षद ने आरोपों को किया खारिज

विजय पार्क वार्ड की भाजपा पार्षद अमिता सिंह ने अपने बेटे पर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि उनका बेटा अपनी बहन और दिल्ली के रिश्तेदारों के साथ वियतनाम यात्रा पर गया हुआ है और उसका इस मामले से कोई संबंध नहीं है।

पार्षद के अनुसार, 24 जुलाई को उनकी बेटी का जन्मदिन था और अगले दिन परिवार के सदस्य विदेश रवाना हुए। उन्होंने यह भी बताया कि सोमवार रात तक उनके बेटे की फ्लाइट दिल्ली पहुंचने वाली थी। उनका कहना है कि उन्हें संबंधित युवती के बारे में कोई जानकारी नहीं है।

पुलिस हर पहलू से कर रही जांच

शहर कोतवाल कैलाश चंद्र भट्ट ने बताया कि पुलिस युवती की तलाश में लगातार जुटी हुई है। मोबाइल फोन की लोकेशन, कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। परिजनों द्वारा उपलब्ध कराए गए मोबाइल नंबरों और अन्य जानकारियों का भी सत्यापन किया जा रहा है।

पुलिस का कहना है कि युवती की बरामदगी और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामला जांच के अधीन है और सभी पहलुओं की गहन पड़ताल की जा रही है।

दून वैली टाइम्स अपने पाठकों से अपील करता है कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी प्रकार की अपुष्ट जानकारी या अफवाहों पर विश्वास न करें। मामले में अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

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