नई दिल्ली/देहरादून। उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया के दौरान हजारों वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने के आरोप को लेकर उत्तराखंड कांग्रेस ने गुरुवार को भारत निर्वाचन आयोग के नई दिल्ली स्थित कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि SIR की प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव है, जिससे पात्र मतदाताओं के लोकतांत्रिक अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।
उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस प्रभारी कुमारी शैलजा, एआईसीसी मीडिया एवं प्रचार विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा तथा अन्य वरिष्ठ नेताओं का प्रतिनिधिमंडल निर्वाचन आयोग से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपने के लिए पहुंचा था। कांग्रेस का कहना है कि आयोग द्वारा समय नहीं दिए जाने पर सभी नेताओं ने निर्वाचन आयोग कार्यालय के मुख्य द्वार के बाहर धरना देकर अपना विरोध दर्ज कराया।
धरने में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, चुनाव संचालन समिति के अध्यक्ष एवं चकराता विधायक प्रीतम सिंह, चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत, सह प्रभारी मनोज यादव, सह प्रभारी सुरेंद्र शर्मा, सीडब्ल्यूसी सदस्य गुरदीप सिंह सप्पल, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा, राष्ट्रीय सचिव एवं मंगलौर विधायक काजी निजामुद्दीन, सीडब्ल्यूसी सदस्य एवं बंगाल प्रभारी प्रकाश जोशी सहित कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता मौजूद रहे।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि SIR की प्रक्रिया की आड़ में बड़ी संख्या में वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था और संविधान की भावना के विपरीत है। उनका कहना है कि प्रत्येक पात्र नागरिक का मताधिकार लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण आधारशिला है और किसी भी वैध मतदाता का नाम बिना उचित प्रक्रिया के हटाया जाना उसके संवैधानिक अधिकारों का हनन है।
प्रतिनिधिमंडल ने निर्वाचन आयोग को दिए जाने वाले ज्ञापन में मांग की कि SIR की पूरी प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी, निष्पक्ष एवं संवैधानिक मानकों के अनुरूप संचालित किया जाए। साथ ही जिन पात्र मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, उन्हें तत्काल पुनः मतदाता सूची में शामिल किया जाए, ताकि कोई भी नागरिक अपने मताधिकार से वंचित न रहे।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती निष्पक्ष और समावेशी चुनाव प्रक्रिया पर निर्भर करती है। यदि पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची से हटते हैं तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने निर्वाचन आयोग से निष्पक्ष कार्रवाई करते हुए सभी शिकायतों का समाधान करने की मांग की।
“मताधिकार की रक्षा, लोकतंत्र की रक्षा” के नारे के साथ कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि वे वैध मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए अपना संघर्ष जारी रखेंगे।
