देहरादून, 19 जून। आगामी अर्द्धकुंभ मेला-2027 की तैयारियों को गति देने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में जिला गंगा समिति की मासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में ऋषिकेश क्षेत्र में प्रस्तावित विभिन्न विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई और संबंधित विभागों को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
नगर निगम ऋषिकेश ने अर्द्धकुंभ-2027 के लिए लगभग 156 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित विकास कार्यों का प्रस्तुतीकरण दिया। वहीं उत्तराखंड जल संस्थान ने पेयजल एवं आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाओं की जानकारी साझा की।
बैठक में त्रिवेणी घाट पुनर्विकास, चंद्रभागा पैदल पुल तथा आस्था पथ सौंदर्यीकरण परियोजनाएं प्रमुख चर्चा का विषय रहीं। त्रिवेणी घाट को धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन गतिविधियों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना के तहत रिचुअल परफॉर्मेंस ज़ोन, चरणबद्ध बैठने की व्यवस्था, जनसुविधाओं का विस्तार तथा त्रिवेणी घाट से मां सरस्वती मंदिर तक क्षेत्र के सौंदर्यीकरण पर विचार किया गया।
इसके अलावा चंद्रभागा पैदल पुल को अधिक सुरक्षित, आकर्षक और जनोपयोगी बनाने के सुझाव दिए गए। विभिन्न घाटों के पुनर्विकास, नदी तट संरक्षण और पर्यटन अवसंरचना को सुदृढ़ करने वाली परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई।
बैठक में केएफडब्ल्यू वित्तपोषित एकीकृत शहरी अवसंरचना विकास परियोजना की प्रगति पर भी चर्चा हुई। इसके तहत ऋषिकेश, मुनिकीरेती, तपोवन और स्वर्गाश्रम क्षेत्रों में पेयजल, सीवरेज, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, स्ट्रीट लाइटिंग, इलेक्ट्रिक बस अवसंरचना और जल निकासी से संबंधित कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी स्वीकृत परियोजनाओं के अनुमोदन, निविदा और निर्माण कार्य समयबद्ध ढंग से पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि अर्द्धकुंभ-2027 से जुड़ी विकास योजनाएं श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ ऋषिकेश की धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन पहचान को नई मजबूती प्रदान करेंगी।




