वन भूमि हस्तांतरण के लंबित प्रकरणों के निस्तारण में तेजी लाने के निर्देश
देहरादून। परियोजनाओं के निर्माण के लिए वन भूमि हस्तांतरण से जुड़े मामलों में क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण के लिए भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करने को लेकर जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने शुक्रवार को वन एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को डिग्रेडेड फॉरेस्ट लैंड और नॉन-फॉरेस्ट लैंड का शीघ्र सर्वेक्षण कर रिजर्व लैंड बैंक को अपडेट करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि संबंधित भूमि का पूरा डाटा तैयार कर उसकी KML फाइल बनाई जाए और निर्धारित पोर्टल पर अपलोड किया जाए। उन्होंने इस कार्य में तकनीकी सहयोग के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के कनिष्ठ एवं सहायक अभियंताओं की सहायता लेने के निर्देश भी दिए, ताकि प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो।
उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि अपने-अपने क्षेत्रों में राजस्व उप निरीक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करते हुए नॉन-फॉरेस्ट लैंड का सर्वेक्षण प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए। सर्वेक्षण के बाद उपलब्ध भूमि का विवरण निर्धारित पोर्टल पर समयबद्ध तरीके से अपलोड करने को भी कहा गया।
डीएम डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि विभिन्न परियोजनाओं के लिए वन भूमि हस्तांतरण के मामलों में क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण के लिए उपयुक्त भूमि की उपलब्धता महत्वपूर्ण है। ऐसे में रिजर्व लैंड बैंक को अद्यतन और व्यवस्थित रखना जरूरी है, जिससे वन भूमि हस्तांतरण से जुड़े लंबित प्रकरणों के निस्तारण में तेजी लाई जा सके।
बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी अमित कंवर, संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद, उप जिलाधिकारी सदर अपूर्वा सिंह, उप जिलाधिकारी ऋषिकेश कुमकुम जोशी और उप जिलाधिकारी डोईवाला अपर्णा ढौडियाल समेत वन एवं राजस्व विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।


