Doon Valley Times | देहरादून/मसूरी

उत्तराखंड के मसूरी-धनोल्टी मार्ग स्थित एक होमस्टे में हनीमून के दौरान नवविवाहिता पारूपुड़ी राधा गायत्री की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उनके पति सोमयाजुला श्रीचरण को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। न्यायालय में पेशी के बाद आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में सुद्धोवाला जिला कारागार भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम निवासी राधा गायत्री दिल्ली के किदवई नगर ईस्ट में रहकर गुरुग्राम की एक आईटी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्यरत थीं। वहीं उनके पति सोमयाजुला श्रीचरण पुणे की एक निजी सॉफ्टवेयर कंपनी में नौकरी करते हैं। दोनों का विवाह नवंबर 2025 में हुआ था और 13 जून को उत्तराखंड घूमने आए थे। ऋषिकेश में रुकने के बाद 14 जून की रात दोनों मसूरी-धनोल्टी मार्ग पर सुवाखोली के पास टिपड़ीधार स्थित एक होमस्टे में ठहरे थे। अगले दिन 15 जून की सुबह राधा गायत्री कमरे में मृत अवस्था में मिलीं।
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी पति ने पुलिस को बताया था कि दोनों ने रात में शराब पी थी और तड़के करीब 3:30 बजे सोए थे। सुबह उठने पर पत्नी कमरे के फर्श पर अचेत अवस्था में मिलीं और उनकी नाक से खून बह रहा था। सूचना पर पहुंची 108 एंबुलेंस की टीम ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जांच के दौरान कमरे से शराब की खाली बोतलें और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्य भी बरामद किए गए।
मृतका के पिता पी. सुधाकर ने बेटी की मौत को संदिग्ध बताते हुए पति पर हत्या का आरोप लगाया। शिकायत में यह भी कहा गया कि विवाह के बाद से उनकी बेटी का लगातार मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न किया जा रहा था। शिकायत और पुलिस जांच में जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर कोतवाली मसूरी में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया।
हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अभी तक मौत का स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। इसे देखते हुए जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने मामले की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं। जांच की जिम्मेदारी एसडीएम मसूरी राहुल आनंद को सौंपी गई है। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी के पास इस घटना से जुड़ी कोई जानकारी, दस्तावेज या अन्य साक्ष्य हों तो वे 17 जुलाई तक एसडीएम मसूरी कार्यालय में उपलब्ध करा सकते हैं।
फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम, फोरेंसिक रिपोर्ट और मजिस्ट्रेटी जांच पूरी होने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।




