दून वैली टाइम्स | देहरादून, 3 अगस्त।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखंड विजय कुमार जोगदंडे ने सोमवार को देहरादून कलेक्ट्रेट सभागार में भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान की समीक्षा बैठक की। बैठक में जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आशीष चौहान सहित निर्वाचन कार्य से जुड़े सभी अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक में जनपद की सभी विधानसभा क्षेत्रों में चल रहे पुनरीक्षण अभियान की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने अब तक की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए सहसपुर, डोईवाला, विकासनगर और मसूरी विधानसभा क्षेत्रों में अभियान को और अधिक गति देने तथा विशेष निगरानी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
मैपिंग से वंचित मतदाताओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश
विजय कुमार जोगदंडे ने कहा कि जिन मतदाताओं की अब तक मैपिंग नहीं हो सकी है, उनके सत्यापन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक लंबित मामले का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही जहां भी किसी प्रकार की समस्या सामने आ रही हो, वहां संबंधित बीएलओ के साथ समन्वय स्थापित कर अधिकारी स्वयं फील्ड विजिट करें और मौके पर समस्याओं का समाधान करें।
11 मान्य दस्तावेजों के आधार पर होगा सत्यापन
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि मतदाता सत्यापन और मैपिंग केवल भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित 11 मान्य दस्तावेजों के आधार पर ही की जाएगी। इसके अलावा वर्ष 2003 की एसआईआर प्रति, परिवार रजिस्टर तथा अन्य उपलब्ध अभिलेखों का मिलान कर प्रत्येक प्रविष्टि का सावधानीपूर्वक सत्यापन किया जाए, ताकि निर्वाचक नामावली पूरी तरह शुद्ध, पारदर्शी और त्रुटिरहित बन सके।
गुणवत्ता और पारदर्शिता पर विशेष जोर
बैठक में विधानसभावार नोटिसों की स्थिति, 100 से अधिक नोटिस वाले मतदान केंद्रों की प्रगति तथा बीएलओ स्तर पर किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि अभियान के दौरान गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए तथा निर्वाचन आयोग के सभी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए।
डीएम बोले—एक भी पात्र मतदाता सत्यापन से वंचित न रहे
जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि माइक्रो लेवल प्लान के आधार पर कार्य करते हुए विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को तय समयसीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र मतदाता का सत्यापन लंबित नहीं रहना चाहिए और जनपद में अभियान को पूरी गंभीरता एवं प्रतिबद्धता के साथ सफल बनाया जाएगा।
राजनीतिक दलों के साथ भी हुई अहम बैठक
समीक्षा बैठक के बाद अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार जोगदंडे एवं जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की संयुक्त अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, मंत्रियों एवं अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे बूथ स्तर तक अभियान में सक्रिय सहयोग करें तथा मतदाताओं को आयोग की प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी दें। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल करना तथा अपात्र प्रविष्टियों को हटाकर मतदाता सूची को शुद्ध एवं त्रुटिरहित बनाना है।
देहरादून में 20.45 लाख मतदाताओं का पुनरीक्षण
बैठक में बताया गया कि जनपद की 10 विधानसभा सीटों में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान संचालित किया जा रहा है। इसके तहत करीब 20.45 लाख मतदाताओं का पुनरीक्षण किया जाना है। वर्तमान में 11,90,805 प्रारूप मतदाता पंजीकृत हैं।
अधिकारियों के अनुसार—
– 3,95,772 मतदाताओं के अभिलेखों में विसंगतियां पाई गई हैं।
– 1,52,170 मतदाताओं की मैपिंग अभी शेष है।
– कुल 5,47,942 नोटिस जारी किए जाने हैं।
– इनमें से 3,91,810 मतदाताओं तक नोटिस वितरित किए जा चुके हैं।
3 अगस्त से शुरू हुई सुनवाई
बैठक में जानकारी दी गई कि 3 अगस्त से सभी विधानसभा क्षेत्रों के संबंधित मतदान स्थलों पर सुनवाई प्रारंभ हो चुकी है। निर्धारित तिथियों तक चलने वाली इस प्रक्रिया में मतदाता आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर अपने दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण करा सकेंगे।
बीएलए नियुक्त करने की अपील
निर्वाचन अधिकारियों ने सभी राजनीतिक दलों से अधिक से अधिक बूथ लेवल एजेंट (BLA-1 एवं BLA-2) नियुक्त करने का आग्रह किया, ताकि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान निष्पक्ष, पारदर्शी और प्रभावी ढंग से संपन्न हो सके।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सुनवाई के दौरान आधार कार्ड के अतिरिक्त निर्वाचन आयोग द्वारा मान्य अन्य दस्तावेज जैसे सरकारी पहचान पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, शैक्षिक प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर, भूमि एवं आवास संबंधी अभिलेख भी प्रस्तुत किए जा सकते हैं।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) स्मृता परमार, समस्त ईआरओ, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी नरेंद्र देवली सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।



