विकासनगर। जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि यदि विधायकों को वेतन, भत्तों और पेंशन के संबंध में विशेष सुविधाएं दी जा रही हैं, तो सरकारी कर्मचारियों को भी समान आधार पर लाभ उपलब्ध कराया जाए।
विकासनगर में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान नेगी ने कहा कि वर्तमान एवं पूर्व विधायकों को वेतन के अतिरिक्त विभिन्न भत्ते, पेंशन, ईंधन खर्च तथा स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। उनका दावा है कि कई मामलों में विधायक का मूल वेतन अपेक्षाकृत कम होने के बावजूद कार्यकाल समाप्त होने के बाद मिलने वाली पेंशन उससे अधिक होती है।
उन्होंने कहा कि दूसरी ओर 30 से 35 वर्ष तक सरकारी सेवा देने वाले अनेक कर्मचारियों को आज भी पुरानी पेंशन योजना (OPS) का लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कर्मचारी वर्षों तक सेवा देने के बाद भी पेंशन से वंचित हैं, तो जनप्रतिनिधियों को इतनी व्यापक सुविधाएं किस आधार पर दी जा रही हैं।
जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि यदि विधायकों के लिए “वेतन कम और पेंशन ज्यादा” जैसी व्यवस्था लागू है, तो यही व्यवस्था सरकारी कर्मचारियों के लिए भी लागू की जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने प्रदेश की आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए जनप्रतिनिधियों के वेतन, भत्तों और पेंशन व्यवस्था की समीक्षा किए जाने की भी मांग की।
पत्रकार वार्ता में दिलबाग सिंह एवं ठाकुर भाग सिंह भी उपस्थित रहे।



