“विधायक महेश जीना पर गंभीर आरोप! अभद्र व्यवहार, अपशब्द और धमकाने का वीडियो बना चर्चा का विषय”

अल्मोड़ा। उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले की सल्ट विधानसभा में गत शनिवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के बाद राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। वायरल वीडियो में सामाजिक कार्यकर्ता भूपेंद्र मनाल, ग्राम प्रधान तथा उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) से जुड़े कुछ लोग विधायक महेश जीना पर कथित अभद्र व्यवहार, अपशब्दों के प्रयोग और धमकाने जैसे गंभीर आरोप लगाते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में इस मुद्दे को लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई है और लोग पूरे मामले में निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

वायरल वीडियो में भूपेंद्र मनाल का आरोप है कि एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान विधायक महेश जीना ने उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया। उनका कहना है कि जब स्थानीय लोग इस विषय पर विधायक से बातचीत करने पहुंचे तो पुलिस प्रशासन ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि आम लोगों की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई नहीं होती, जबकि इस मामले में लोगों को विधायक तक पहुंचने से रोक दिया गया।

सोशल मीडिया पर प्रसारित अन्य वीडियो में भी कुछ लोग यह दावा करते दिखाई दे रहे हैं कि कार्यक्रम के दौरान विधायक को स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। कुछ वीडियो में उक्रांद कार्यकर्ताओं के साथ कथित अभद्र व्यवहार और डराने-धमकाने के आरोप भी लगाए गए हैं। इन वीडियो के वायरल होने के बाद क्षेत्र में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।

हालांकि, दून वैली टाइम्स इन वायरल वीडियो में किए गए दावों और आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। समाचार लिखे जाने तक विधायक महेश जीना या पुलिस प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि जनप्रतिनिधि और जनता के बीच किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न हुआ है, तो उसकी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए ताकि वास्तविक तथ्य सामने आ सकें। लोकतंत्र में जनप्रतिनिधियों और नागरिकों के बीच संवाद सम्मानजनक और मर्यादित होना आवश्यक है। यदि किसी भी पक्ष द्वारा अनुचित व्यवहार किया गया है, तो कानून के अनुसार उसकी जांच और आवश्यक कार्रवाई होनी चाहिए।

दून वैली टाइम्स इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है। जैसे ही विधायक महेश जीना, पुलिस प्रशासन अथवा अन्य संबंधित पक्ष का आधिकारिक बयान प्राप्त होगा, उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा ताकि पाठकों तक मामले का पूरा पक्ष पहुंच सके।

(अस्वीकरण: यह समाचार सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और संबंधित पक्षों द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर तैयार किया गया है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। सभी पक्षों का आधिकारिक पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।)

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