जानिए आज से क्या बदला, क्या नहीं; 15 अक्टूबर से UPI के चुनिंदा बड़े मर्चेंट भुगतान पर MDR भी लागू होगा
नई दिल्ली/देहरादून। अक्टूबर महीने की शुरुआत के साथ देश में आज से आम लोगों से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियमों में बदलाव लागू हो गए हैं। इनमें घरेलू LPG सब्सिडी के लिए बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण, बैंक जमा एवं FD की ब्याज दरों के खुलासे से जुड़े नियम और जन्म-मृत्यु के देरी से होने वाले पंजीकरण की प्रक्रिया में बदलाव शामिल हैं। वहीं UPI को लेकर भी बड़ा बदलाव घोषित किया गया है, लेकिन यह 1 अक्टूबर से नहीं बल्कि 15 अक्टूबर 2026 से लागू होगा।

LPG सब्सिडी के लिए बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण जरूरी
1 अक्टूबर 2026 से घरेलू LPG उपभोक्ताओं को सब्सिडी के साथ नियंत्रित खुदरा बिक्री मूल्य (RSP) पर रिफिल बुक कराने के लिए Biometric Aadhaar Authentication (BAA) पूरा करना जरूरी होगा।
सरकार के अनुसार 19 सितंबर तक 27.43 करोड़ यानी 89.9 प्रतिशत सक्रिय घरेलू LPG उपभोक्ता BAA पूरा कर चुके थे। जिन उपभोक्ताओं ने प्रमाणीकरण पहले ही कर लिया है, उन्हें दोबारा यह प्रक्रिया नहीं करनी होगी।
BAA पूरा नहीं करने वाले उपभोक्ताओं के लिए प्रमाणीकरण पूरा होने के बाद ही सब्सिडी के साथ RSP पर रिफिल बुकिंग की सुविधा सक्रिय होगी। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि इसका उद्देश्य पात्र परिवारों को LPG से वंचित करना नहीं है।
उपभोक्ता LPG डिलीवरी के समय, गैस एजेंसी के शोरूम में अथवा संबंधित Oil Marketing Company के मोबाइल ऐप के माध्यम से BAA पूरा कर सकते हैं। इंडेन, भारत गैस और HP गैस के लिए संबंधित OMC ऐप की सुविधा उपलब्ध है।
जरूरी बात: BAA नहीं कराने का मतलब यह नहीं है कि LPG हमेशा के लिए बंद हो जाएगी। सरकार के अनुसार जो उपभोक्ता BAA नहीं कराना चाहते या नहीं करा पाते, उनके लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत बाजार मूल्य पर LPG उपलब्ध कराने का विकल्प है, लेकिन सब्सिडी का लाभ नहीं मिलेगा।

FD और बैंक डिपॉजिट के नियमों में बदलाव
1 अक्टूबर से बैंकों के जमा और FD से जुड़े ब्याज दरों के खुलासे को लेकर नए नियम प्रभावी हुए हैं।
RBI के संशोधित नियमों के अनुसार बैंक को अपनी लागू जमा ब्याज दरों को पहले से घोषित करना होगा। बल्क डिपॉजिट की ब्याज दरें प्रत्येक कार्य दिवस सुबह 10 बजे तक वेबसाइट पर उपलब्ध करानी होंगी, जबकि अधिकतम 10 मिनट की ग्रेस अवधि यानी 10:10 बजे तक अपडेट किया जा सकता है।
समान राशि और समान अवधि की जमा राशि यदि एक ही तारीख को बैंक की अलग-अलग शाखाओं में स्वीकार की जाती है, तो लागू ब्याज दरों में शाखा के आधार पर भेदभाव नहीं किया जा सकेगा। इससे ग्राहकों को बैंक की घोषित ब्याज दरों की तुलना करने और पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
ध्यान दें: बल्क डिपॉजिट की सीमा बैंक की श्रेणी के अनुसार अलग हो सकती है। RBI के उपलब्ध नियमों में अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों के लिए ₹3 करोड़ और उससे अधिक की जमा राशि को बल्क डिपॉजिट की श्रेणी में रखा गया है।

जन्म-मृत्यु पंजीकरण अब होगा ज्यादा सख्त
1 अक्टूबर 2026 से Registration of Births and Deaths (Amendment) Act, 2026 लागू हो गया है। इसका सबसे महत्वपूर्ण असर देरी से जन्म या मृत्यु का पंजीकरण कराने की प्रक्रिया पर पड़ेगा।
नए नियम के अनुसार—
एक साल से अधिक लेकिन दो साल तक की देरी:
ऐसे मामलों में जिला मजिस्ट्रेट (DM), उप-मंडल मजिस्ट्रेट (SDM) या अधिकृत कार्यकारी मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद पंजीकरण किया जा सकेगा।
दो साल से अधिक की देरी:
अब ऐसे जन्म या मृत्यु के पंजीकरण के लिए Judicial Magistrate First Class (प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट) का आदेश आवश्यक होगा। संबंधित अधिकारी को घटना की सत्यता का सत्यापन भी करना होगा और निर्धारित शुल्क का भुगतान करना होगा।
इस बदलाव का उद्देश्य जन्म और मृत्यु की घटनाओं का समय पर पंजीकरण सुनिश्चित करना तथा देरी से होने वाले पंजीकरण में संभावित अनियमितताओं को रोकना है।

UPI पर बड़ा बदलाव, लेकिन 15 अक्टूबर से
UPI को लेकर सोशल मीडिया और कई रिपोर्टों में 1 अक्टूबर से चार्ज लगने की बात कही जा रही है, लेकिन असल में नया MDR ढांचा 15 अक्टूबर 2026 से लागू होगा।
NPCI के नए ढांचे के तहत कुछ Person-to-Merchant (P2M) UPI लेनदेन में ₹2,000 से अधिक की राशि पर 0.4 प्रतिशत MDR लागू होगा। यह सभी UPI ट्रांजैक्शन पर लागू नहीं होगा।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि MDR ग्राहक से अलग से UPI चार्ज के रूप में नहीं लिया जाएगा। यह मर्चेंट पेमेंट इकोसिस्टम में लागू शुल्क है। Person-to-Person (P2P) UPI ट्रांजैक्शन इस MDR के दायरे में नहीं आते।
₹2,000 तक के पात्र मर्चेंट UPI भुगतान और योग्य छोटे मर्चेंटों के लिए भी शून्य MDR की व्यवस्था जारी रहेगी।

उपभोक्ताओं के लिए क्या समझना जरूरी है?
1 अक्टूबर से:
• LPG सब्सिडी के लिए BAA महत्वपूर्ण
• बैंक FD/डिपॉजिट ब्याज दरों के खुलासे के नियम बदले
• देरी से जन्म-मृत्यु पंजीकरण की प्रक्रिया सख्त
15 अक्टूबर से:
• चुनिंदा ₹2,000 से अधिक P2M UPI लेनदेन पर MDR लागू होगा
• सामान्य ग्राहकों से अलग UPI ट्रांजैक्शन फीस नहीं ली जाएगी

आम लोगों के लिए सलाह
अगर आपका LPG कनेक्शन है और आपने अभी तक Biometric Aadhaar Authentication पूरा नहीं किया है, तो संबंधित LPG कंपनी के ऐप, गैस एजेंसी या डिलीवरी के समय यह प्रक्रिया पूरी कर लें। वहीं बैंक ग्राहक बड़ी FD या अन्य जमा कराने से पहले बैंक की वेबसाइट पर लागू ब्याज दर और शर्तें जरूर देख लें।
जन्म या मृत्यु के पंजीकरण में देरी होने की स्थिति में अब देरी की अवधि के अनुसार संबंधित प्रशासनिक अथवा न्यायिक प्राधिकरण की प्रक्रिया का पालन करना होगा।
