जंगली हाथी के हमले में महिला की मौत से भड़का आक्रोश, एयरपोर्ट मार्ग जाम कर ग्रामीणों का प्रदर्शन

धन्याड़ी में अंजली गुप्ता की मौत के बाद सरकार और वन विभाग के खिलाफ फूटा गुस्सा, 48 घंटे में हाथी रेस्क्यू करने की मांग

डोईवाला/देहरादून। डोईवाला विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत बड़ासी के धन्याड़ी गांव में जंगली हाथी के हमले में ग्रामीण महिला अंजली गुप्ता की मौत के बाद क्षेत्र में आक्रोश फैल गया। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने देहरादून एयरपोर्ट मार्ग पर गत मंगलवार को प्रदर्शन करते हुए मार्ग जाम कर दिया और सरकार तथा वन विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं पर गंभीर चिंता जताते हुए तत्काल ठोस कार्रवाई की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों का कहना था कि धन्याड़ी और आसपास के क्षेत्रों में जंगली हाथियों की आवाजाही लंबे समय से बनी हुई है। हाथियों के हमलों में पहले भी कई लोगों की जान जा चुकी है, इसके बावजूद ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए स्थायी एवं प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बार-बार शिकायत और मांग किए जाने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।

इस दौरान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री एवं ब्लॉक प्रमुख डोईवाला गौरव सिंह गिन्नी , प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री अश्वनी बहुगुणा, प्रदेश कांग्रेस कमेटी सेवा दल की अध्यक्ष हेमा पुरोहित, जिला कांग्रेस कमेटी परवादून के अध्यक्ष मोहित शर्मा सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और वन विभाग से मानव-वन्यजीव संघर्ष की समस्या का तत्काल समाधान करने की मांग उठाई।

ग्रामीणों ने कहा कि अंजली गुप्ता की मौत को महज एक हादसा मानकर मामले को खत्म नहीं किया जा सकता। यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में मानव जीवन की सुरक्षा को लेकर सरकार और वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

48 घंटे में हाथी को रेस्क्यू करने की मांग

प्रदर्शनकारियों ने सरकार और वन विभाग के सामने स्पष्ट मांग रखते हुए कहा कि 48 घंटे के भीतर संबंधित जंगली हाथी को रेस्क्यू कर सुरक्षित क्षेत्र में भेजा जाए। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक समस्या पैदा करने वाले हाथी को क्षेत्र से हटाने के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक ग्रामीणों में भय का माहौल बना रहेगा।

इसके साथ ही ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार के एक सदस्य को तत्काल सरकारी नौकरी देने और परिवार को पर्याप्त आर्थिक सहायता एवं उचित मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की।

सोलर फेंसिंग और स्थायी सुरक्षा व्यवस्था की मांग

ग्रामीणों ने धन्याड़ी सहित हाथी प्रभावित क्षेत्रों में सोलर फेंसिंग और अन्य प्रभावी सुरक्षा उपाय तत्काल लागू करने की मांग की। उनका कहना है कि केवल घटना के बाद कुछ समय के लिए गश्त बढ़ाना पर्याप्त नहीं है। मानव-वन्यजीव संघर्ष की समस्या से निपटने के लिए स्थायी और दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार कर उसे जमीन पर लागू करना जरूरी है।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि ग्रामीणों की जान की कीमत पर सरकार की चुप्पी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 48 घंटे के भीतर उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो ग्रामीणों के साथ मिलकर व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।

‘अंजली गुप्ता को न्याय मिलने तक जारी रहेगी आवाज’

प्रदर्शन के दौरान कहा गया कि अंजली गुप्ता की मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि पीड़ित परिवार को न्याय और धन्याड़ी समेत आसपास के गांवों के लोगों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है।

ग्रामीणों ने सरकार से मांग की कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को केवल तात्कालिक राहत और मुआवजे तक सीमित न रखा जाए, बल्कि हाथियों की आवाजाही वाले क्षेत्रों की पहचान कर वैज्ञानिक एवं स्थायी सुरक्षा व्यवस्था विकसित की जाए।

ग्रामीणों की प्रमुख मांगें

▪️ 48 घंटे के भीतर संबंधित जंगली हाथी का रेस्क्यू।
▪️ पीड़ित परिवार के एक सदस्य को तत्काल सरकारी नौकरी।
▪️ परिवार को पर्याप्त आर्थिक सहायता एवं उचित मुआवजा।
▪️ हाथी प्रभावित क्षेत्रों में सोलर फेंसिंग और प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था।
▪️ मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए स्थायी एवं दीर्घकालिक कार्ययोजना।
▪️ प्रभावित गांवों में वन विभाग की नियमित एवं प्रभावी निगरानी।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय में ठोस कार्रवाई नहीं होती है तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

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