हरिद्वार। उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में जाली नोट छापकर बाजार में खपाने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का श्यामपुर थाना पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने लालढांग तिराहे के पास से गिरोह के मुख्य सरगना समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के साथ ही मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर छह हो गई है।

एसपी अपराध निशा यादव ने बताया कि कुछ दिन पहले श्यामपुर थाना क्षेत्र में वन कर्मियों के साथ मारपीट की घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों की कार की तलाशी ली थी। तलाशी के दौरान करीब 52 हजार रुपये के नकली नोट बरामद हुए, जिसके बाद तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंची।
इसके बाद पुलिस ने लालढांग तिराहे के पास से गिरोह के मुख्य सरगना देवेंद्र कुमार निवासी सरदारपुर छांमली, बढ़ापुर (बिजनौर), गुलजार अहमद निवासी टांडा सिक्कावाला, बढ़ापुर (बिजनौर) और शगुन जोशी निवासी लालढांग (हरिद्वार) को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में मुख्य आरोपी ने स्वीकार किया कि वह पहले भी अपने साथियों के साथ मिलकर बिजनौर में नकली नोट छाप चुका है।
पहले भी बाजार में खपा चुके थे नकली नोट
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे पहले करीब एक लाख रुपये के नकली नोट तैयार कर चुके थे। इनमें से कुछ नोट खराब हो गए, जबकि लगभग 60 हजार रुपये के नकली नोट अलग-अलग बाजारों में चला दिए गए। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ये नकली नोट किन-किन क्षेत्रों में पहुंचाए गए।
ऑनलाइन मंगवाते थे खास पेपर, लैपटॉप और प्रिंटर से होती थी छपाई
पुलिस के अनुसार आरोपी गुलजार अहमद नकली नोट छापने के लिए विशेष जीएसएम पेपर ऑनलाइन मंगवाता था, जो छूने पर असली नोट जैसा महसूस होता था। वहीं शगुन जोशी असली नोटों की तस्वीर लेकर मोबाइल ऐप और सॉफ्टवेयर की मदद से उसे एडिट करता था, जिससे प्रिंटिंग की गुणवत्ता बेहतर हो जाती थी और नकली नोट असली जैसे दिखाई देते थे।
बरामद हुए नकली नोट और उपकरण
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 500 रुपये के चार असली नोट, करीब 50 हजार रुपये मूल्य के अधकटे नकली नोटों वाली 25 पेपर शीट, एक लैपटॉप, दो कलर प्रिंटर तथा विशेष जीएसएम पेपर बरामद किया है। इन्हीं उपकरणों की मदद से नकली नोट तैयार किए जाते थे।
भीड़भाड़ और ग्रामीण बाजार थे निशाने पर
एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह ने बताया कि नकली नोटों में असली नोटों की तरह सुरक्षा वाला गोल्डन धागा नहीं होता था। इसलिए आरोपी उन्हें भीड़भाड़ वाले इलाकों और ग्रामीण बाजारों में चलाते थे, जहां दुकानदार जल्दबाजी में नोटों की बारीकी से जांच नहीं कर पाते।
इस कार्रवाई में प्रशिक्षु सीओ अवनी तिवारी, वरिष्ठ उपनिरीक्षक मनोज रावत, लालढांग चौकी प्रभारी मोहन कठैत सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अब गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों और बाजार में खपाए गए नकली नोटों के पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।




