कोटद्वार में अंतरराज्यीय चोर गिरोह का भंडाफोड़, 4 आरोपी गिरफ्तार; चोरी की बाइक और कार बरामद

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कोटद्वार/पौड़ी। पौड़ी पुलिस ने कोटद्वार में बंद मकानों को निशाना बनाने वाले एक सक्रिय अंतरराज्यीय चोरी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार के निर्देशन में गठित पुलिस टीमों ने महज चार दिनों के भीतर मामले का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी की नकदी, चोरी की मोटरसाइकिलें और वारदात में प्रयुक्त कार बरामद की है।

पुलिस के अनुसार 2 जुलाई 2026 को कोटद्वार निवासी उमेश चंद बमोला ने शिकायत दर्ज कराई थी कि जून माह में परिवार सहित पैतृक गांव जाने के दौरान उनके बंद मकान से अज्ञात चोर नकदी और सोने-चांदी के आभूषण चोरी कर ले गए। शिकायत के आधार पर कोतवाली कोटद्वार में धारा 305 बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी सर्वेश पंवार ने तत्काल विशेष पुलिस टीमों का गठन किया। पुलिस ने करीब 120 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, सर्विलांस, तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों तक पहुंच बनाई।

चार आरोपी गिरफ्तार

6 जुलाई को पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनकी पहचान इस प्रकार है—

  • मोहित निवासी गाजियाबाद
  • कासिफ उर्फ नन्हे
  • आमिर
  • आसिफ उर्फ अमन (बरेली/दिल्ली)

पूछताछ में आरोपियों ने कोटद्वार में चोरी की वारदात स्वीकार करते हुए बताया कि चोरी किए गए सोने-चांदी के आभूषण उन्होंने मात्र 15 हजार रुपये में बेच दिए थे। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी की रकम में से 13,600 रुपये बरामद किए हैं।

चोरी की बाइक से करते थे रेकी

जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह ने वारदात से पहले उधम सिंह नगर के किच्छा क्षेत्र से एक मोटरसाइकिल चोरी की थी। उसी बाइक का इस्तेमाल कर कॉलोनियों में घूम-घूमकर बंद मकानों की रेकी की जाती थी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से देहरादून से चोरी की गई दो अपाचे मोटरसाइकिलें तथा वारदात में प्रयुक्त स्विफ्ट डिजायर कार भी बरामद की है।

ऐसे देते थे वारदात को अंजाम

पुलिस के मुताबिक गिरोह बेहद शातिर तरीके से अपराध करता था। आरोपी पहले कार से शहर में पहुंचते, फिर स्थानीय स्तर पर मोटरसाइकिल चोरी कर उसी से बंद मकानों की पहचान करते। चोरी के बाद माल तुरंत बेचकर दूसरे वाहनों से फरार हो जाते थे, जिससे पुलिस को उनके आने-जाने का कोई सुराग न मिल सके।

मुख्य आरोपी अब भी फरार

पूछताछ में गिरोह के मुख्य साथी मोहम्मद आरिफ निवासी दिल्ली का नाम भी सामने आया है, जो फिलहाल फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

पुलिस टीम को मिलेगा पुरस्कार

एसएसपी सर्वेश पंवार ने इस सफल कार्रवाई के लिए पुलिस टीम को 5,000 रुपये के नकद पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की है।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ दिल्ली, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में चोरी, लूट, गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट के तहत पहले से दर्जनों आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इससे स्पष्ट है कि यह एक सक्रिय अंतरराज्यीय अपराधी गिरोह है।

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