कोटद्वार में शिक्षकों के वाहन पर हाथियों का हमला, जान बचाकर भागे लोग

कोटद्वार। दुगड्डा हाईवे पर सोमवार सुबह करीब साढ़े छह बजे हाथियों के झुंड ने जमकर उत्पात मचाया। हाथियों ने सड़क पर खड़े दो वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। इनमें एक वाहन में शिक्षक सवार थे। हाथियों के अचानक हमले के बाद वाहन में भगदड़ मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए वाहन छोड़कर भागने को मजबूर हो गए। घटना के बाद हाईवे पर दोनों ओर यातायात रुक गया और वाहनों की लंबी कतार लग गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हाथियों का झुंड अचानक सिद्धबली मंदिर रोड की ओर पहुंच गया। हाथियों को देखकर वाहन चालकों और आसपास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। हाथियों ने सड़क पर खड़े कुछ वाहनों को नुकसान पहुंचाया। इसी दौरान शिक्षकों को ले जा रहे वाहन को भी हाथियों ने घेर लिया और उस पर हमला कर दिया। अपनी जान बचाने के लिए वाहन में सवार लोग बाहर निकलकर सुरक्षित स्थान की ओर भागे।

हाथियों के हमले के बाद सड़क पर वाहनों का सामान और अन्य वस्तुएं बिखरी नजर आईं। घटना की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और लोगों को हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की हिदायत दी। वनकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद हाथियों के झुंड को सड़क से हटाकर जंगल की ओर खदेड़ा। हाथियों के जंगल की ओर चले जाने के बाद हाईवे पर यातायात सुचारू हो सका और लोगों ने राहत की सांस ली।

हाईवे पर सुरक्षा इंतजामों की मांग

हाथियों के झुंड का वीडियो भी लोगों ने बनाया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में हाईवे पर हाथियों का झुंड और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार दिखाई दे रही है। व्यस्त हाईवे और आबादी के नजदीक हाथियों की लगातार आवाजाही ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कोटद्वार क्षेत्र में हाथियों की आवाजाही कोई नई बात नहीं है, लेकिन हाईवे पर इस तरह हाथियों के पहुंचने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने वन विभाग और प्रशासन से हाईवे के संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने, हाथियों की नियमित निगरानी बढ़ाने तथा वाहन चालकों को समय रहते सतर्क करने की व्यवस्था करने की मांग की है।

घटना ने एक बार फिर इंसान और वन्यजीवों के बीच बढ़ते संघर्ष की स्थिति को सामने ला दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वन क्षेत्र से निकलकर हाथियों के आबादी और प्रमुख मार्गों तक पहुंचने की घटनाओं को रोकने के लिए स्थायी और प्रभावी योजना की जरूरत है।

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