हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में हुई बारिश ने नगर निगम और जल निकासी व्यवस्था की तैयारियों की पोल खोलकर रख दी। शहर के कई प्रमुख मार्गों और रिहायशी इलाकों में भारी जलभराव हो गया, जिससे सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं। जगह-जगह पानी भरने से वाहन फंस गए और लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष बरसात के दौरान यही स्थिति देखने को मिलती है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में अब तक कोई ठोस कदम नजर नहीं आया। थोड़ी देर की बारिश में ही सड़कों पर कई फीट तक पानी भर जाने से नगर निगम की तैयारियों पर सवाल उठ रहे हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों और वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि मुख्य सड़कें जलमग्न हैं और वाहन पानी के बीच से गुजरने को मजबूर हैं। स्थानीय नागरिकों ने जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने और बरसात से पहले नालों की नियमित सफाई कराने की मांग की है।
लोगों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भी हरिद्वार की जलभराव समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाने की अपील की है, ताकि तीर्थयात्रियों और स्थानीय नागरिकों को हर बरसात में ऐसी परेशानियों का सामना न करना पड़े।






