टिहरी गढ़वाल। विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच टिहरी जिले के लोअर सकलाना क्षेत्र से सामने आई एक तस्वीर व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। यहां सौंग (सोंग) नदी पर पुल नहीं होने के कारण स्कूली बच्चों को रोजाना अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ रही है। नदी के तेज बहाव और अस्थायी इंतजामों के सहारे स्कूल पहुंचने को मजबूर इन मासूमों की तस्वीरें हर किसी को झकझोर रही हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से इस क्षेत्र में पुल निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। बरसात के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ने पर खतरा कई गुना बढ़ जाता है। ऐसे में बच्चों, महिलाओं और ग्रामीणों को आवागमन के दौरान हर पल दुर्घटना का डर सताता रहता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि चुनाव के समय विकास और बुनियादी सुविधाओं के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। शिक्षा के अधिकार की बात करने वाली व्यवस्था में बच्चों को स्कूल पहुंचने के लिए अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ रही है, जो बेहद चिंताजनक है।
स्थानीय नागरिकों ने सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि सौंग नदी पर जल्द से जल्द स्थायी पुल का निर्माण कराया जाए, ताकि बच्चों और ग्रामीणों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके। उनका कहना है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर मासूम बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है? क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही व्यवस्था जागेगी, या फिर सरकार और प्रशासन समय रहते इस गंभीर समस्या का समाधान करेगा?




