सुरनकोट में दो मंजिला मकान मलबे में दबा, 2 साल के मासूम समेत 5 की मौत | राजौरी में 200-250 वाहन बहे | राहत एवं बचाव अभियान जारी
डून वैली टाइम्स | राष्ट्रीय समाचार
जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचा दी है। पुंछ, किश्तवाड़ और राजौरी जिलों में रविवार को बादल फटने, भूस्खलन और फ्लैश फ्लड की घटनाओं ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। अब तक 11 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 7 लोग लापता बताए जा रहे हैं। हादसों में चार लोग घायल हुए हैं, जिनमें तीन बच्चे भी शामिल हैं। प्रशासन, पुलिस, सेना और आपदा राहत दल युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हुए हैं।

सुरनकोट में सबसे बड़ा हादसा, दो मंजिला मकान मलबे में दबा
पुंछ जिले की सुरनकोट तहसील के लोअर मड़ा गांव में पहाड़ी से भारी भूस्खलन हुआ, जिससे एक दो मंजिला मकान पूरी तरह मलबे में दब गया। हादसे के समय मकान में परिवार के कई सदस्य मौजूद थे।
सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस और भारतीय सेना ने संयुक्त राहत अभियान शुरू किया। घंटों की मशक्कत के बाद मलबे से दो वर्षीय मासूम सोफियान यासिर सहित पांच लोगों के शव निकाले गए। अन्य लापता लोगों की तलाश लगातार जारी है।
राजौरी में फ्लैश फ्लड, 200 से 250 वाहन पानी में बहे
राजौरी जिले में शनिवार देर रात बादल फटने जैसी स्थिति बनने के बाद अचानक फ्लैश फ्लड आ गई। धारहाल नदी का पानी न्यू बस स्टैंड बेला इलाके में घुस गया। तेज बहाव की चपेट में वहां खड़े करीब 200 से 250 वाहन बह गए। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। कई सड़कें और संपर्क मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गए।
किश्तवाड़ में बादल फटा, घर और खेत हुए तबाह
किश्तवाड़ जिले के डच्छन क्षेत्र के सुर्नू गांव में बादल फटने की घटना हुई। हालांकि यहां किसी की मौत की सूचना नहीं है, लेकिन भारी मात्रा में मलबा आने से कई घरों और कृषि भूमि को नुकसान पहुंचा है। स्थानीय लोगों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।
पुंछ में अलग-अलग हादसों में गई कई लोगों की जान
लगातार हो रही बारिश के बीच पुंछ जिले में कई दर्दनाक हादसे सामने आए।
- संगलेयानी गांव में मकान गिरने से 18 वर्षीय युवक की मौत हो गई।
- मरहोट गांव में उफनते नाले को पार करते समय इरम नामक नाबालिग लड़की तेज बहाव में बह गई और उसकी मौत हो गई।
- नूनाबांडी गांव में मकान ढहने से 28 वर्षीय नाजिया कौसर की जान चली गई, जबकि उनके पति और तीन बच्चों को सुरक्षित निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
- धुंधक लठूंग पुल के पास एक नाले से एक अज्ञात महिला का शव भी बरामद हुआ है, जिसकी पहचान अभी नहीं हो सकी है।
राहत एवं बचाव अभियान जारी
प्राकृतिक आपदा के बाद प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में कंट्रोल रूम स्थापित कर दिए हैं। भारतीय सेना, पुलिस, SDRF और अन्य बचाव एजेंसियां लगातार राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं। लापता लोगों की तलाश जारी है और प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों तक भारी बारिश की संभावना जताई है, जिसके चलते संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
लगातार हो रही बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों में बढ़ते भूस्खलन के खतरे ने जम्मू-कश्मीर में हालात गंभीर बना दिए हैं। प्रशासन के सामने राहत कार्य के साथ-साथ लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बड़ी चुनौती बनी हुई है।

