देहरादून | Doon Valley Times

देहरादून के जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission) की अधूरी पेयजल योजनाओं को लेकर सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की समीक्षा बैठक में डीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी लंबित परियोजनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए, ताकि शेष केंद्रीय सहायता समय पर प्राप्त हो सके।
बैठक के दौरान कार्यों में लापरवाही सामने आने पर जिलाधिकारी ने कई अधिकारियों को फटकार लगाई और चकराता तथा सहसपुर विकासखंडों में ग्राम पेयजल एवं स्वच्छता समितियों का गठन न होने पर संबंधित सहायक विकास अधिकारियों (पंचायत) के वेतन आहरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के निर्देश दिए।
फेज-2 की परियोजनाओं को जल्द पूरा करने के निर्देश
जिलाधिकारी ने कहा कि जल जीवन मिशन के दूसरे चरण की शेष परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जाए। साथ ही जिन योजनाओं का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, उनका थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन (TPI) और ‘हर घर जल’ प्रमाणन निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा कराया जाए।
उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभाग बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें।
थर्ड पार्टी निरीक्षण में देरी पर जताई नाराजगी
समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने थर्ड पार्टी निरीक्षण में हो रही देरी पर संबंधित एजेंसियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने निर्देश दिए कि पूर्ण हो चुकी सभी परियोजनाओं का निरीक्षण एवं फाइनेंशियल क्लोजर जल्द से जल्द पूरा किया जाए, ताकि केंद्र सरकार से मिलने वाली शेष वित्तीय सहायता में किसी प्रकार की बाधा न आए।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की भी हुई समीक्षा
बैठक में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, व्यक्तिगत एवं सामुदायिक शौचालय निर्माण तथा प्लास्टिक कचरा प्रबंधन की भी समीक्षा की गई।
डीएम ने जिला पंचायत के समन्वय से सभी विकासखंडों में प्लास्टिक कचरा संग्रहण के लिए रूट चार्ट तैयार करने तथा वाहनों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जनपद में जल जीवन मिशन की वर्तमान स्थिति
बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार—
- कुल ग्रामीण परिवार – 1,29,491
- घरेलू नल कनेक्शन (HHTC) प्राप्त परिवार – 1,29,449
- फेज-1 की कुल योजनाएं – 333 (सभी पूर्ण)
- फेज-2 की कुल योजनाएं – 760
- पूर्ण योजनाएं – 734
- निर्माणाधीन योजनाएं – 26
- इनमें से 3 योजनाएं वन भूमि स्वीकृति के कारण लंबित हैं।
हर घर जल प्रमाणन की स्थिति
- कुल 426 योजनाओं में से 281 योजनाओं का थर्ड पार्टी निरीक्षण पूरा।
- 121 योजनाओं का वित्तीय समापन (Financial Closure) किया जा चुका है।
- जनपद के 635 गांवों में से 596 गांवों को ‘हर घर जल’ प्रमाणन मिल चुका है।
- 33 गांवों में प्रमाणन प्रक्रिया अभी शेष है।
616 करोड़ की परियोजनाएं, 208 करोड़ की सहायता बाकी
फेज-2 की 760 परियोजनाओं की कुल लागत 616.33 करोड़ रुपये है। इनमें अब तक 408.04 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं, जबकि 208.29 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता अभी प्राप्त होनी शेष है। जिलाधिकारी ने कहा कि समय पर कार्य पूर्ण होने से ही शेष सहायता प्राप्त हो सकेगी।
ग्राम समितियों के गठन में पिछड़ रहे कई विकासखंड
जिले के 635 राजस्व गांवों में से अब तक केवल 298 गांवों में ही ग्राम पेयजल एवं स्वच्छता समितियों का गठन हो पाया है।
विकासखंडवार स्थिति इस प्रकार है—
- कालसी – सभी गांवों में समितियों का गठन पूर्ण।
- चकराता – 139 गांवों में गठन शेष।
- सहसपुर – 90 गांवों में गठन शेष।
- डोईवाला – 31 गांवों में गठन शेष।
- रायपुर – 54 गांवों में गठन शेष।
- विकासनगर – 23 गांवों में गठन शेष।
इसी लापरवाही को गंभीर मानते हुए जिलाधिकारी ने चकराता और सहसपुर के संबंधित एडीओ (पंचायत) के वेतन पर रोक लगाने के निर्देश जारी किए।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अधीक्षण अभियंता जल निगम आर.के. जैन, अधीक्षण अभियंता जल संस्थान (ग्रामीण) नमित रमोला, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, अधिशासी अभियंता राजेंद्र लाल, राजेश कुमार निर्वाल, एसीएफ अभिषेक मैठाणी, एडीपीआरओ संजय बड़ोनी सहित जिला जल एवं स्वच्छता मिशन के नामित सदस्य एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
डीएम डॉ. आशीष चौहान ने स्पष्ट किया कि जल जीवन मिशन केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजना है और इसकी प्रत्येक परियोजना को तय समय सीमा में पूरा करना सभी संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है। लापरवाही करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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