देहरादून | Doon Valley Times
उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और मौसम विभाग के रेड अलर्ट के बीच देहरादून जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। हालात का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान स्वयं ग्राउंड जीरो पर पहुंचे और सहस्रधारा, कार्लीगढ़ तथा अति संवेदनशील सपेरा बस्ती का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों के लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के सख्त निर्देश दिए।
सहस्रधारा–सरोना मार्ग जल्द खोलने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि सहस्रधारा–सरोना मोटर मार्ग मलबा आने के कारण चार स्थानों पर बंद है। पीएमजीएसवाई अधिकारियों ने बताया कि यह मार्ग पिछली आपदा में 11 से अधिक स्थानों पर क्षतिग्रस्त हुआ था, जिसे अस्थायी रूप से बहाल किया गया था। स्थायी उपचार और पर्याप्त बजट के अभाव में हल्की बारिश में भी मार्ग बार-बार बाधित हो रहा है।
इस पर डीएम ने तत्काल दोनों ओर से जेसीबी मशीनें लगाकर मलबा हटाने और सड़क को जल्द से जल्द यातायात के लिए सुचारू करने के निर्देश दिए। साथ ही स्थायी सुरक्षा कार्यों के लिए शासन को प्रस्ताव भेजने का आश्वासन भी दिया।
कार्लीगढ़ में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश
कार्लीगढ़ क्षेत्र के निरीक्षण के दौरान सिंचाई विभाग ने बताया कि पिछले वर्ष की आपदा के बाद नदी क्षेत्र में मलबा हटाने, समतलीकरण और चैनलाइजेशन का कार्य पूरा कर लिया गया है।
जिलाधिकारी ने नदी के दूसरी ओर रहने वाले परिवारों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए निर्देश दिए कि सभी परिवारों के पास पर्याप्त राशन, पेयजल और बिजली की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही सभी परिवारों के मोबाइल नंबर जिला कंट्रोल रूम में दर्ज किए जाएं ताकि किसी भी आपात स्थिति में समय रहते अलर्ट जारी कर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।
सपेरा बस्ती में सुरक्षात्मक कार्यों में तेजी
अति संवेदनशील सपेरा बस्ती का निरीक्षण करते हुए डीएम ने स्थानीय लोगों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने नाले के उपचार, क्षतिग्रस्त सुरक्षा दीवारों की मरम्मत और अन्य आवश्यक सुरक्षा कार्यों का तत्काल आगणन तैयार करने के निर्देश दिए।
नगर निगम को निर्देशित किया गया कि जिन मकानों को खतरा है, वहां रहने वाले परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जाए तथा बारिश के दौरान प्रभावी चेतावनी प्रणाली लागू की जाए।
जिले में 25.75 मिमी बारिश, कई सड़कें अब भी बंद
जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार 9 जुलाई को जिले में औसतन 25.75 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
- यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान पर पहुंच गया है।
- गंगा और टोंस नदी का जलस्तर फिलहाल खतरे के निशान से नीचे है।
- हरिपुर–इच्छाड़ी–कुवानु–मीनास राज्य मार्ग भूस्खलन के कारण तीन स्थानों पर अवरुद्ध है, जिसे शाम तक खोलने का लक्ष्य रखा गया है।
- जिले के 14 ग्रामीण मार्ग भी मलबा आने के कारण बंद हैं, जिन्हें युद्धस्तर पर खोलने का कार्य जारी है।
निरीक्षण के दौरान पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता रघुवीर सिंह गुसाईं, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता दीक्षांत गुप्ता, नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आनंद, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ऋषभ कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।




