‘कब मिलेगा इंसाफ?’ दो बच्चों के साथ धरने पर बैठा मृतका का पति

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चमोली | Doon Valley Times

उत्तराखंड के चमोली जिले के थराली क्षेत्र में गर्भवती महिला और उसके अजन्मे बच्चे की एंबुलेंस में हुई मौत का मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। घटना के कई सप्ताह बाद भी जांच पूरी न होने और जिम्मेदारों पर कार्रवाई न होने से नाराज मृतका के पति नरेंद्र कुमार अपनी मां और दो छोटे बच्चों के साथ थराली मोटर पुल पर धरने पर बैठ गए। प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद फिलहाल धरना समाप्त हुआ, लेकिन परिवार ने जल्द न्याय न मिलने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।

29 जून को एंबुलेंस में हुई थी जच्चा-बच्चा की मौत

जानकारी के अनुसार, 29 जून को थराली विकासखंड के लेटाल गांव निवासी 35 वर्षीय सरिता देवी को प्रसव पीड़ा होने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) थराली लाया गया था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में महिला को करीब चार घंटे तक भर्ती रखने के बावजूद समय पर हायर सेंटर रेफर नहीं किया गया।

जब हालत गंभीर हुई तो उन्हें कर्णप्रयाग रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में एंबुलेंस के भीतर ही सरिता देवी और उनके अजन्मे बच्चे की मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए थे।

लापरवाही के गंभीर आरोप

परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और मेडिकल स्टाफ पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि समय रहते रेफर नहीं किया गया और एंबुलेंस में आवश्यक जीवनरक्षक सुविधाएं, विशेषकर ऑक्सीजन सिलेंडर, उपलब्ध नहीं था। परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार डॉक्टरों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है।

जांच टीम पर भी उठाए सवाल

मृतका के पति नरेंद्र कुमार ने बताया कि हाल ही में उन्हें जांच के लिए बयान दर्ज कराने के उद्देश्य से सीएचसी थराली बुलाया गया था। उन्होंने अधिकारियों से गांव आकर बयान लेने का अनुरोध किया, लेकिन उन्हें अस्पताल आने के लिए कहा गया।

नरेंद्र कुमार का आरोप है कि जब वह अपनी मां और दो बच्चों के साथ अस्पताल पहुंचे तो जांच टीम वहां मौजूद नहीं थी। काफी देर इंतजार करने और फोन पर संपर्क करने के बावजूद स्पष्ट जवाब नहीं मिला। इससे नाराज होकर उन्होंने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए विरोध प्रदर्शन का फैसला किया।

मां और दो बच्चों के साथ धरने पर बैठे

न्याय की मांग को लेकर नरेंद्र कुमार अपनी मां और दो छोटे बच्चों के साथ थराली मोटर पुल पर धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि यदि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वह आंदोलन को और तेज करेंगे।

धरने की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। उपजिलाधिकारी (एसडीएम) यशवीर रावत मौके पर पहुंचे और परिवार को समझाकर तहसील कार्यालय ले गए। वहां हुई वार्ता में प्रशासन ने उनकी सभी मांगें सुनीं और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) से बातचीत कराने के साथ निष्पक्ष एवं शीघ्र जांच का भरोसा दिलाया।

जल्द बयान दर्ज करने और कार्रवाई का आश्वासन

प्रशासन ने आश्वासन दिया कि जांच टीम जल्द ही पीड़ित परिवार के बयान दर्ज करेगी और पूरे मामले की जांच में तेजी लाई जाएगी। साथ ही जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

न्याय की आस में परिवार

पीड़ित परिवार का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल न्याय प्राप्त करना है। उनका कहना है कि यदि इस मामले में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में भी अन्य परिवारों को ऐसी त्रासदी का सामना करना पड़ सकता है।

फिलहाल पूरे मामले में स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जबकि स्थानीय लोगों की नजर भी प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर बनी हुई है।

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