देहरादून: दिव्यांगजनों के लिए अस्पताल में खुलेगी कैंटीन, डीडीआरसी के ₹25 लाख वार्षिक बजट को मंजूरी

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मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने की जिला दिव्यांग एवं पुनर्वास केंद्र की प्रबंध समिति की बैठक, स्वरोजगार और पुनर्वास सेवाओं को मिलेगा नया विस्तार

देहरादून, 23 जुलाई।
दिव्यांगजनों के पुनर्वास, सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में देहरादून जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह की अध्यक्षता में गांधी शताब्दी जिला राजकीय चिकित्सालय स्थित जिला दिव्यांग एवं पुनर्वास केंद्र (डीडीआरसी) की त्रैमासिक जिला प्रबंध समिति (डीएमटी) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में केंद्र की छह माह की उपलब्धियों की समीक्षा करते हुए आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।

950 नए यूडीआईडी कार्ड बने, 95 का हुआ नवीनीकरण

बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल ने बताया कि पिछले छह माह के दौरान डीडीआरसी के माध्यम से 950 दिव्यांगजनों के नए यूडीआईडी (Unique Disability ID) कार्ड बनाए गए, जबकि 95 कार्डों का नवीनीकरण किया गया।

उन्होंने बताया कि केंद्र के माध्यम से दिव्यांगजनों को दिव्यांगता प्रमाण-पत्र और यूडीआईडी कार्ड बनवाने में सहायता प्रदान की जाती है। साथ ही पात्र लाभार्थियों को व्हीलचेयर, ट्राइसाइकिल, श्रवण यंत्र, कृत्रिम अंग, बैसाखी और ब्रेल किट सहित विभिन्न सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं।

निःशुल्क मिल रही हैं पुनर्वास सेवाएं

डीडीआरसी में दिव्यांगजनों के लिए कई महत्वपूर्ण सेवाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। इनमें—

  • फिजियोथेरेपी
  • ऑक्यूपेशनल थेरेपी
  • स्पीच थेरेपी
  • मनोवैज्ञानिक परामर्श

जैसी सेवाएं शामिल हैं। इसके अलावा सामाजिक सुरक्षा पेंशन, छात्रवृत्ति, कौशल विकास, स्वरोजगार और अन्य सरकारी योजनाओं से भी पात्र लाभार्थियों को जोड़ा जा रहा है।

स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य विभागों के समन्वय से समय-समय पर जागरूकता एवं स्क्रीनिंग शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि दिव्यांगता की प्रारंभिक पहचान कर लोगों को समय पर सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

₹25 लाख के वार्षिक बजट को मिली मंजूरी

बैठक में जिला प्रबंध समिति ने डीडीआरसी के वर्षभर के संचालन के लिए लगभग 25 लाख रुपये के वार्षिक बजट को मंजूरी दी। इसके साथ ही केंद्र की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए नया कंप्यूटर, प्रिंटर, फिजियोथेरेपी उपकरण और अन्य आवश्यक सामग्री खरीदने की भी स्वीकृति प्रदान की गई।

दिव्यांगजन चलाएंगे अस्पताल की कैंटीन

बैठक की सबसे महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने निर्देश दिए कि गांधी शताब्दी जिला राजकीय चिकित्सालय परिसर में दिव्यांगजनों द्वारा संचालित कैंटीन स्थापित करने की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए।

उन्होंने कहा कि इस पहल से दिव्यांगजनों को स्वरोजगार, आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा। जिला समाज कल्याण अधिकारी को इस संबंध में शीघ्र विस्तृत प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए।

योजनाओं का होगा व्यापक प्रचार-प्रसार

मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि डीडीआरसी द्वारा उपलब्ध कराई जा रही निःशुल्क सेवाओं, सहायक उपकरणों और सरकारी योजनाओं का सोशल मीडिया एवं अन्य जनसंचार माध्यमों के जरिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक पात्र दिव्यांगजन इन सुविधाओं का लाभ उठा सकें।

बैठक में डीडीआरसी की नोडल अधिकारी ललिता चमोली, डॉ. कपिल पूनिया, राजकीय दून चिकित्सालय एवं राजकीय कोरोनेशन चिकित्सालय के चिकित्सक तथा समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

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