दून वैली टाइम्स | नैनीताल/देहरादून
उत्तराखण्ड हाईकोर्ट में देहरादून के विकासनगर स्थित ईस्ट होप टाउन क्षेत्र की उमेदपुर तहसील में सरकारी बरसाती नाले की भूमि पर कथित अतिक्रमण और उसे खुर्दबुर्द कर बेचने के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई।
सुनवाई के दौरान जिलाधिकारी देहरादून और प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) ने न्यायालय को बताया कि अतिक्रमित भूमि के कुछ हिस्से को खाली कराया जा चुका है तथा शेष भूमि का डिमार्केशन (सीमांकन) कराया जा रहा है।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद तय की है।
15 बीघा सरकारी नाले की भूमि पर कब्जे का आरोप
जनहित याचिका देहरादून निवासी प्रभु दयाल शर्मा द्वारा दायर की गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि विकासनगर के ईस्ट होप टाउन क्षेत्र की उमेदपुर तहसील में बिल्डरों ने करीब 15 बीघा सरकारी बरसाती नाले की भूमि पर अतिक्रमण कर उसे प्लॉटिंग के माध्यम से लोगों को बेच दिया।
याचिकाकर्ता का कहना है कि उनकी शिकायत पर गठित जांच समिति ने सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की पुष्टि भी की थी, लेकिन इसके बावजूद अब तक पूरी भूमि को अतिक्रमण मुक्त नहीं कराया गया।
दोषियों पर कार्रवाई की मांग
याचिका में हाईकोर्ट से मांग की गई है कि सरकारी बरसाती नाले से सभी अतिक्रमण हटाने के साथ-साथ इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए जाएं।
बाइट: रवि बिष्ट, अधिवक्ता, उत्तराखण्ड हाईकोर्ट




